ओडिशा के कालाहांडी जिले में एक शिक्षिका के अपहरण और हत्या मामले के मुख्य आरोपी गोविंद साहू को मंगलवार को आत्महत्या कर ली। उसका शव बोलांगीर जिले की एक जेल के परिसर में एक पेड़ से लटका पाया गया। उसे अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांटाबांजी उप-जेल के अधिकारियों ने कहा कि आरोपी को मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया जाना था।
भुवनेश्वर के जेल उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शुभकांत मिश्रा ने स्वीकार किया कि कांटाबांजी में जेल अधिकारियों की ओर से चूक हुई। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच राज्य जेल प्राधिकरण ने साहू की मौत की जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षिका कालाहांडी जिले के महालिंग में एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी और इस शिक्षण संस्थान की प्रबंधन समिति का अध्यक्ष था।
वह पिछले साल 8 अक्तूबर को लापता हो गई थी। बाद में 19 अक्तूबर को स्कूल परिसर में एक गड्ढे से उसकी हड्डियां और शरीर के अन्य हिस्से बरामद किए गए थे। साहू को बाद में महिला शिक्षक की हत्या करने और उसके शरीर को टुकड़ों में काटने, उसे जलाने और गड्ढे में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए उसके बैग, मोबाइल फोन और अन्य सामान को भी आग लगा दी थी।
कांग्रेस के कांटाबांजी विधायक संतोष सिंह सलूजा ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। एक अन्य कांग्रेस विधायक सुरेश राउत्रे ने न्यायिक जांच की मांग की। ओडिशा भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रुति पटनायक ने आरोप लगाया कि साहू की हत्या इसलिए की गई क्योंकि अदालत में उनके बयान से सत्तारूढ़ बीजद के कुछ नेताओं का पर्दाफाश हो सकता था।
इस मामले को लेकर विपक्ष ने तत्कालीन राज्य मंत्री डी एस मिश्रा को हटाने की मांग की थी। साहू कथित तौर पर मिश्रा का करीबी सहयोगी था, जिन्हें बाद में छह महीने बाद नवीन पटनायक मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।