देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनने के निरंतर प्रयास में ओडिशा सरकार ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव और निवेशकों के लिए एक कार्यक्रम की मेजबानी की। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य में निवेश आकर्षित करने के इरादे से बुधवार को 30 से अधिक देशों के राजनयिकों और 50 व्यापार प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को बैठक की। ‘मेक इन ओडिशा’ सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में यह बैठक नई दिल्ली में हुई।
सीएम ने कहा, मेक इन ओडिशा सम्मेलन तीन नवंबर से
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पिछले डेढ़ दशक में वृद्धि दर लगातार राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई है। हम अपने प्राकृतिक संसाधन लाभ और रणनीतिक स्थिति के कारण पूर्वी भारत में एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।
सीएम पटनायक ने कहा कि मेक इन ओडिशा सम्मेलन तीन नवंबर से चार दिसंबर को भुवनेश्वर में होगा और मैं आपको ओडिशा के भागीदार देश के रूप में उसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। इस मौके मुख्य सचिव एस सी महापात्र ने कहा कि देश में ओडिशा इस्पात, स्टेनलेस स्टील और एल्युमीनियम का सबसे बड़ा उत्पादक है। उन्होंने कहा कि हम रसायन और पेट्रोरसायन, कपड़ा और परिधान, आईटी व आईटी संबद्ध सेवाओं एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में तेजी उभर रहे हैं।
प्रमुख सचिव ने खनिज-धातु विज्ञान का बताया महत्व
हेमंत शर्मा (आईएएस), प्रमुख सचिव, उद्योग विभाग, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा और अध्यक्ष-आईडीसीओ और अध्यक्ष-आईपीआईसीओएल ने दर्शकों के लिए मेक इन ओडिशा के बारे में एक प्रस्तुति दी जिसमें उन्होंने दो दशकों में राज्य में स्थिर शासन, देश में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में खनिज और धातु विज्ञान के क्षेत्र में शीर्ष विकल्प, धातु निर्माण में प्रभुत्व और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
मुख्य सचिव बोले, औद्योगिक विकास के रोडमैप पर चर्चा जरूरी
मुख्य सचिव एस सी महापात्रा ने कहा कि मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव (MIO'22) का उद्देश्य उद्योग जगत के नेताओं के लिए आने वाले वर्षों में औद्योगिक विकास के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए दुनिया में एक मंच प्रदान करना है। 2016 में एक शुरुआत की गई थी, जिसमें 18,500 की संख्या देखी गई और 120 से अधिक निवेश के इरादे मिले जिनका मूल्य 2 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा सरकार निवेशकों के लिए राज्य में विशाल मौजूदा और उभरते अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए मंच का उपयोग करेगी। कॉन्क्लेव के माध्यम से हम नए संबंध बनाना चाहते हैं और आप सभी के साथ अपने पुराने संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि आप सभी ओडिशा की विकास गाथा में भागीदार बनें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रताप केशरी देब, मंत्री - उद्योग, एमएसएमई और ऊर्जा ने जोर देकर कहा कि ओडिशा हमेशा अपने शानदार हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है, अब हम मजबूती से तकनीकी वस्त्र पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम भद्रक में एक तकनीकी टेक्सटाइल पार्क स्थापित कर रहे हैं। रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र और कपड़ा क्षेत्र की तरह, हमने खाद्य प्रसंस्करण, आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम आदि क्षेत्रों के लिए भी मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है।