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Odisha: नवीन पटनायक के इटली दौरे पर भाजपा ने उठाए सवाल, सीएम ने श्रद्धा के साथ जाने पर विधानसभा में दी सफाई

Wed, 04 Oct 2023 03:07 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक श्रद्धा नाम की महिला के साथ वेटिकन सिटी का दौरा करने गए। विधाानसभा में एक बयान में उन्होंने श्रद्धा को फिजियोथेरेपिस्ट बताया और कहा कि उनकी शारीरिक सेहत का ध्यान रखने के लिए दिवंगत बहन ने श्रद्धा को उनके पास भेजा था।
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Chief Minister Odisha Naveen Patnaik - फोटो : ANI
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विस्तार
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक जब वेटिकन सिटी गए तो उनके साथ श्रद्धा नाम की महिला भी थीं। खबरें सामने आने के बाद सीएम पटनायक से जुड़े कई सवाल पूछे जाने लगे। अटकलों पर विराम लगाते हुए नवीन पटनायक ने श्रद्धा पर बयान दिया है। उन्होंने इस महिला को फिजियोथेरेपी प्रोफेशनल करार दिया।
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अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद
ओडिशा विधानसभा के पटल पर दिए एक बयान में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि उनकी दिवंगत बहन गीता मेहता ने श्रद्धा को उनकी सेहत का ध्यान रखने के लिए भेजा था। पटनायक के बयान के बाद श्रद्धा से जुड़ी अटकलों पर पूर्ण विराम लगने की पूरी उम्मीद है।

भाजपा ने सीएम नवीन पटनायक पर गंभीर आरोप लगााए
भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता जयनारायण मिश्रा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक श्रद्धा को टूर कराने ले गए थे। ओडिशा विधाानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष मिश्रा ने कहा, सीएम नवीन पटनायक ने श्रद्धा को घुमाने ले जाने का प्रयास किया।
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श्रद्धा गोवा से क्यों आईं, ओडिशा में फिजियो नहीं मिला?
मिश्रा ने सवाल किया कि क्या सीएम नवीन पटनायक के बयानों की पुष्टि के लिए स्वर्ग जाकर गीता मेहता से पूछना होगा? उन्होंने पूछा कि श्रद्धा को गोवा से क्यों लाया गया? क्या ओडिशा में कोई फिजियोथेरेपिस्ट नहीं है? 

भाजपा का सवाल- मुख्यमंत्री से अधिक जनविरोधी कौन?
ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आक्रामक लहजे में कहा कि सदन के अंदर और बाहर सीएम नवीन पटनायक भाजपा को ओडिशा की जनता के खिलाफ और जनविरोधी बताते हैं। उन्होंने सवाल किया कि श्रद्धा प्रकरण सामने आने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री से अधिक जनविरोधी कौन है?

श्रद्धा वेटिकन सिटी किस हैसियत से गईं?
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष मिश्रा के अलावा भाजपा सांसद बसंत पांडा ने भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा, सीएम को बताना चाहिए कि श्रद्धा नाम की महिला कौन है और उसने किस हैसियत से मुख्यमंत्री के साथ वेटिकन सिटी का दौरा किया। इन दोनों के अलावा राजधानी भुवनेश्वर से निर्वाचित भाजपा की महिला सांसद अपराजिता सारंगी ने भी श्रद्धा को लेकर सवाल पूछे।

सवाल पर भड़की बीजद ने भाजपा नेताओं को पागल बताया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सारंगी ने लिखा, विपक्ष के नेता, जयनारायण मिश्रा और वरिष्ठ सांसद बसंत पांडा ने सीएम के साथ वेटिकन जाने वाली एक रहस्यमयी महिला के बारे में सवाल किया। सारंगी का आरोप है कि नवीन निवास तक श्रद्धा की निर्बाध पहुंच पर सवाल खड़े किए जाने पर सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रवक्ताओं ने भाजपा नेताओं को 'पागल' बताया!

किसने चुनी फिजियोथेरेपिस्ट, क्या इलाज हो रहा है?
एक दूसरे एक्स पोस्ट में सारंगी ने कहा, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में श्रद्धा के नर्स या फिजियोथेरेपिस्ट होने की बात सामने आ रही है। अगगर ऐसा है तो ये और भी चिंताजनक है क्योंकि मुख्यमंत्री को किसी निजी और गुप्त इलाज के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि इस थेरेपिस्ट का चुनाव किसने किया और किस तरीके का इलाज किया जा रहा है?

ओडिशा सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल
ओडिशा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए सारंगी ने एक और पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री पटनायक को एक डिजाइन के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने पूछा कि चीफ सेक्रेटरी और विकास आयुक्तों के साथ सीएम ने व्यक्तिगत रूप से आखिरी बैठक कब की थी? मुख्यमंत्री को खुफिया सूचनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां कौन भेज रहा है? क्या सीएम को जानकारी है कि ओडिशा में क्या हो रहा है?

क्या है ओडिशा विधानसभा का समीकरण
147 सीटों वाली ओडिशा विधानसभा का समीकरण भी काफी दिलचस्प है। आंकड़ों के लिहाज से भले ही भाजपा की झोली में महज 23 सीटें हैं, लेकिन 110 सीटों वाली बीजद के खेमे में नवीन पटनायक के बाद उनके जैसे कद्दावर नेताओं का अभाव है। ऐसे में भाजपा श्रद्धा और नवीन पटनायक के वेटिकन सिटी दौरे को किसी भी सूरत में हाथ से गंवाना नहीं चाहती। शायद इसी मकसद से श्रद्धा के मुद्दे को हाइप्रोफाइल केस और विवाद बताकर प्रमुखता से उठाने का प्रयास हो रहा है।

भाजपा पटनायक को बख्शने के मूड में नहीं 
गौरतलब है कि ओडिशा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख विपक्षी दल के रूप में सत्तारुढ़ बीजू जनता दल (बीजद) को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहती। बीजेपी 2019 के विधानसभा चुनाव में धराशायी हो गई थी, लेकिन ओडिशा में भाजपा को बीजद के विकल्प के रूप में खड़ा करने के लिए बीजेपी नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ये भी रोचक है कि नवीन पटनायक की सरकार संसद के पटल पर अक्सर भाजपा का समर्थन करती रही है। हालांकि, बदलते सियासी मौसम में बीजेपी फिलहाल नवीन पटनायक को बख्शने के मूड में नहीं दिख रही है।
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