भारत में बीते 10 साल में कुपोषण ग्रस्त बच्चों में गिरावट का ट्रेंड दिखाई दिया है, लेकिन इसी अवधि में मोटापा ग्रस्त बच्चों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, एक तथ्य यह भी है कि बीमारी, खराब स्वास्थ्य और कुपोषण को इंगित करने वाले स्टंटिंग की व्यापकता दर में कमी आने के बाद भी दुनिया का हर चौथा अल्पपोषित बच्चा भारत में है।
नाटेपन की स्थिति में सुधार
यदि किसी बच्चे का कद उसकी आयु के अनुपात में कम रह जाता है तो उसे नाटेपन यानी स्टंटिंग कहते हैं। देश में ऐसे बच्चों की संख्या 2012 से 2022 के बीच 5.20 करोड़ से घटकर 3.60 करोड़ रह गई है। पिछले एक दशक में स्टंटिंग के वैश्विक बोझ में भारत की हिस्सेदारी 30 फीसदी से घटकर 25 फीसदी हो गई।
निर्बलता ग्रस्त बच्चों की स्थिति
यदि किसी बच्चे का वजन उसके कद के अनुपात में कम होता है तो उसे निर्बलता यानी वेस्टिंग कहते हैं। 2020 में 18.70% बच्चे निर्बलता ग्रस्त पाए गए जो वैश्विक स्तर पर काफी गंभीर स्थिति है। इन बच्चों की अनुमानित संख्या 2.18 करोड़ है।