फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Now Sologamy: गुजरात की क्षमा 11 जून को करेगी बगैर दूल्हे के ब्याह, एकल शादी का अनूठा मामला

Thu, 02 Jun 2022 03:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

निजी कंपनी में काम करने वाली 24 वर्षीय क्षमा बिंदु 11 जून को ब्याह रचाने जा रही है। वह अपनी शादी की तैयारी में धूमधाम से जुटी है। 
विज्ञापन
क्षमा बिंदु - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहुविवाह, अंतरजातीय विवाह, अंतर धार्मिक विवाह, समलैंगिक विवाह, तुलसी विवाह जैसे तमाम तरह के शादी के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन अब गुजरात की एक लड़की खुद से विवाह (Sologamy) या एकल विवाह करने जा रही है। इस शादी में सब रस्में होंगी, लेकिन किसी भी विवाह की सबसे अहम कड़ी यानी दूल्हे राजा नहीं होंगे।
विज्ञापन


निजी कंपनी में काम करने वाली 24 वर्षीय क्षमा बिंदु 11 जून को ब्याह रचाने जा रही है। वह अपनी शादी की तैयारी में धूमधाम से जुटी है। एक अंग्रेजी अखबार से चर्चा में क्षमा बिंदु ने अपनी एकल शादी के फैसले, उसकी तैयारियों से लेकर हनीमून तक सब बिंदुओं पर खुलासा किया। वह बाकायदा अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेगी और अपनी मांग में खुद सिंदूर भरेगी। देश में एकल शादी का यह संभवत: पहला मामला है। 

इसलिए किया एकल शादी का निर्णय
क्षमा बिंदु ने कहा कि वह कभी भी शादी नहीं करना चाहती थी, मगर दुल्हन बनने का सपना था, इसलिए उसने खुद से शादी का फैसला किया। जब निर्णय किया तो सवाल आया कि क्या देश में ऐसी शादी पहले कभी हुई है? इस पर बिंदु ने ऑनलाइन सर्च किया। खूब तलाश करने पर भी बिंदु को ऐसा कोई केस नहीं मिला। क्षमा ने कहा कि वह सोलो या एकल विवाह करने वाली देश की संभवत: पहली लड़की होगी। 
विज्ञापन


देश में मिसाल बनेगी शादी, पार्लर, ज्वेलरी सब बुक
यह शादी देश में मिसाल बनेगी। क्षमा ने बताया कि शादी के लिए उसने महंगा लहंगा खरीदा है और पार्लर से लेकर ज्वेलरी तक सब का इंतजाम कर लिया है। क्षमा ने इस तरह की शादी के अपने मकसद का भी विस्तार से खुलासा किया। उसने कहा कि खुद से खुद की शादी करना स्वयं से बिना शर्त प्यार होने का संदेश है। यह आत्म-स्वीकृति है। आमतौर पर लोग जिससे प्यार करते हैं, उससे शादी करते हैं, लेकिन वह खुद से प्यार करती है, इसलिए खुद से शादी करने जा रही है। इसे समाज के कुछ लोग अप्रासंगिक मान सकते हैं, लेकिन मैं यह संदेश देना चाहती हूं कि महिला होना मायने रखता है। 

एक मंदिर से होगा विवाह
क्षमा के माता-पिता खुले विचारों के हैं। उन्होंने शादी के लिए आशीर्वाद दिया। क्षमा की शादी गोत्र के एक मंदिर से होगी। खुद के लिए क्षमा ने पांच कसमें भी लिखी हैं। क्षमा ने हनीमून के लिए गोवा जाने का फैसला किया है। बहुविवाह व समलैंगिक विवाह के समर्थक व विरोधियों की तरह ही सोलो विवाह या एकल विवाह के भी समर्थक व विरोधी हैं। स्व विवाह समर्थकों का कहना है कि यह खुद के महत्व की पुष्टि करेगी। यह भी खुशहाल जीवन जीने का एक तरीका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें