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अब मोबाइल पेट्रोल पंप, दो घंटे में एक जगह से दूसरी जगह होंगे शिफ्ट

Wed, 22 Aug 2018 04:47 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट्रोल-डीजल
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मोबाइल फोन आने से लैंडलाइन फोन अब बीते जमाने की बात हो चुके हैं। बहुत संभव है कि अब पेट्रोल पंप भी बीते जमाने की बात हो जाएं। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि एक भारतीय कंपनी एलिंज ने चेक गणराज्य की कंपनी पेट्रोकार्ड से मिलकर भारतीय बाजार में मोबाइल पेट्रोल पंप उतार दिया है। कंपनी का दावा है कि इस सुविधा के आ जाने के बाद किसी भी जगह पर दो घंटे के अंदर पेट्रोल पंप स्थापित किए जा सकेंगे और जरुरत पड़ने पर दो घंटे के अंदर ही वहां से हटाए भी जा सकेंगे।
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यूरोपियन बाजारों में पहले से ही सफलतापूर्वक काम कर रही इस तकनीकी के भारत में आ जाने से उन क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की सुविधा देने में बहुत मदद मिल सकेगी जहां जगहों की कमी या आवागमन की दुरुहता के कारण पेट्रोल पंप स्थापित नहीं किये जा पाते। इस तकनीकी से बाढ़-भूकंप के समय किसी भी जगह पर लोगों को तत्काल पेट्रोल या डीजल जैसी चीज पहुंचाई जा सकेगी। कंपनी को उम्मीद है कि भारतीय सेना और रेलवे भी इसका अधिकतम उपयोग कर सकते हैं। 

एलिंज के शीर्ष अधिकारी इंदरजीत प्रुथी ने दिल्ली में संवाददाताओं को इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस तकनीकी के सबसे छोटे पेट्रोल पंप लगाने के लिए न्यूनतम 20X20 मीटर के जगह की आवश्यकता होती है जो वर्तमान पेट्रोल पंपों की तुलना में न के बराबर होगा। इस मॉडल के पंप में एक बार में 10 हजार लीटर पेट्रोल या डीजल रखा जा सकेगा। बड़े मॉडल के पोर्टेबल पेट्रोल पंपों, जिनकी स्टोरेज क्षमता 35 हजार लीटर तक की होती है, के लिए कुछ अधिक जगह की जरुरत होती है।
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इन पेट्रोल पंपों में एक ही साथ चार प्रकार के ईंधन बेचे जा सकेंगे। इनमें एक साथ पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एलपीजी को रखा जा सकता है। कंपनी कुछ ही समय के बाद इन मशीनों में सीएनजी को रखने की भी तैयारी कर रही है। इन मशीनों से एक बार में तीन लिक्विड ईंधन या एलपीजी को ग्राहकों को दिया जा सकता है। 

पूरी तरह कैशलेस होंगे ये पेट्रोल पंप 

कंपनी के अधिकारी प्रुथी का कहना है कि इन पेट्रोल पंपों को कैशलेस रखा गया है। कोई भी ग्राहक किसी भी कंपनी का क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, डिजिटल पेमेंट ऑप्शन जैसे पेटीएम या अन्य तरीके से भुगतान कर सकता है। हालांकि किसी अनपढ़ या तकनीकी के इस्तेमाल में अक्षम व्यक्ति के लिए पेट्रोल पंप पर नियुक्त कर्मचारी को नकद देकर उनके माध्यम से कैशलेस पेमेंट कराई जा सकेगी। 

इन पेट्रोल पंपों को पाने के लिए भी राज्य सरकार और तेल कंपनियों की इजाजत लेनी पड़ेगी। जिनके पास सरकार और तेल कंपनियों का अनुमति पत्र होगा, कंपनी उन्हें इन मशीनों को बेच सकेगी। सरकार किस क्षेत्र में कितने पेट्रोल पंप लगाने की अनुमति देती है, यह उसकी इच्छा पर निर्भर करता है। हालांकि, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस व एसार जैसी तेल विपणन की कंपनियों ने एलिंज से इस मॉडल को लगाने के लिए सहमति जताई है। 

अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में तेल बेचने वाली कंपनियां पोर्टेबल पेट्रोल पंपों को लगाने की तरफ ज्यादा फोकस कर सकती हैं। इस तरह के पेट्रोल पंप लगाने के लिए 90 लाख से लेकर 120 लाख रुपये तक की लागत आ सकती है। इसमें पोर्टेबल पेट्रोल पंपों को लाने से लेकर स्टाल करने तक की कीमत शामिल है। कंपनी का कहना है कि इन पेट्रोल पंपों को लगाते समय बैंक 80 फीसदी तक का लोन देने को तैयार हुए हैं। 
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चेक गणराज्य से आएंगी मशीनें

इन मशीनों को अभी चेक गणराज्य से आयात किया जाएगा। लेकिन बाद में इनके भारत में ही बनाए जाने की योजना पर भी काम हो सकता है। कंपनी ने भारत में चार जगहों उत्तरप्रदेश, गुजरात, झारखंड और असम में प्लांट लगाने की तैयारी की है। इनमें प्रति प्लांट 400 करोड़ रुपए की लागत आएगी। हालांकि बाद में और जगहों पर भी प्लांट लगाए जा सकते हैं। ये प्लांट पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से लगाए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे रोजगार के मामले में भी वृद्धि होगी। हर एक पेट्रोल पंप पर एक या दो लोगों को जरुरत होगी। 
 
सुरक्षा का पूरा ध्यान 

ऐसे पेट्रोल पंपों को बनाने में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। कंपनी के निदेशक का कहना है कि इस पेट्रोल पंपों के स्टोरेज टैंक मोटी स्टील के चादरों से बनाए गए हैं जिनके ऊपर हल्की क्षमता के बम तक भी असर नहीं करेंगे। यानी आग के संपर्क में आने से फटने की संभावना को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की गई है। 
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