नोटिस को लेकर धोनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया अभी तक जाहिर नहीं की गई है। बता दें कि अप्रैल, 2016 में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर एमएस धोनी ने आम्रपाली के ब्रांड एंबेसडर की भूमिका से इस्तीफा दे दिया था।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी समेत उन 1800 लोगों को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त रिसीवर ने बकाया भुगतान का नोटिस भेजा है, जिन्होंने नोएडा में आम्रपाली समूह की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में घर खरीद रखे हैं। रिसीवर ने इन सभी को 15 दिन के अंदर बकाया पैसा जमा कराने का निर्देश दिया है।
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साथ ही रिसीवर ने इस पब्लिक नोटिस में यह भी कहा है कि यदि फ्लैट खरीदार रिसीवर द्वारा बनाई गई ग्राहकों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने में विफल रहते हैं और 15 दिन के भीतर भुगतान शुरू नहीं करते हैं, तो उनका फ्लैट आवंटन अपने आप रद्द हो जाएगा।
यह नोटिस आम्रपाली समूह की नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बंद पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए गठित आम्रपाली स्टाल्ड प्रोजेक्ट्स इन्वेस्टमेंट रिकंस्ट्रक्शन एस्टेब्लिशमेंट (एस्पायर) ने बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों के जरिये जारी किया था।
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समूह की 20 से अधिक आवासीय परियोजनाओं के निर्माण को करीब 8000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ अदालत की तरफ से नियुक्त समिति की निगरानी में पूरा करने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी को दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली आवासीय परियोजनाओं का अधिग्रहण करने के बाद सभी घर खरीदारों को अपना विवरण दर्ज कराने और शेष राशि का भुगतान करने के लिए कहा था। लेकिन जुलाई, 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भी महेंद्र सिंह धोनी समेत 1800 खरीदारों ने कोई कदम नहीं उठाया है।
दो फ्लैट बुक करा रखे हैं धोनी ने
रिसीवर की तरफ से जारी नोटिस के मुताबिक, एमएस धोनी ने नोएडा के सेक्टर-45 में आम्रपाली समूह की परियोजना सैफायर फेज-1 में दो फ्लैट सी-पी5 और सी-पी6 बुक करा रखे हैं, जबकि धोनी से जुड़ी कंपनी रीति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के चेयरमैन अरुण पांडे का भी इसी परियोजना में फ्लैट संख्या सी-पी4 बुक है। अरुण पांडे ने भी इस नोटिस पर मांगी गई प्रतिक्रिया का जवाब नहीं दिया है।