आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने 51 चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है। उन्हें 11 सितंबर को जांच समिति के सामने पेश होने को कहा गया है। उन पर संस्थान के लोकतांत्रिक माहौल को खतरे में डालने, डराने-धमकाने की संस्कृति को बढ़ावा देने और काम करने वाले माहौल को खराब करने का आरोप है। अस्पताल प्राधिकरण ने नोटिस में कहा है कि उन्हें समिति के सामने अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी।
पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टर्स ने कहा कि वे आरजी कर अस्पताल की मृतक डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर अपना ‘काम बंद’ जारी रखेंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार शाम पांच बजे तक डॉक्टरों को काम पर लौटने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटते तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट पेश की। बंगाल सरकार ने भी कोर्ट को स्थिति रिपोर्ट सौंपी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें बताया गया है कि जब डॉक्टर काम नहीं कर रहे थे, तब 23 लोगों की मौत हो गई। सुनवाई के बाद कोर्ट सीबीआई से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने जांच एजेंसी को एक हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद कोर्ट ने मामले पर सुनवाई 17 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।