राहुल से पिछले चार साल से नहीं मिलने वाले बयान पर अब कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मैं ही ऐसा नहीं हूं बल्कि बहुत सारे ऐसे नेता हैं जो राहुल से काफी समय से नहीं मिले हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि 2020 और 2021 में कोरोना के कारण कोई किसी से नहीं मिल पा रहा था। संगठन में अपने पद से इस्तीफा देने से पहले भी, वह हमें महासचिव और कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी से मिलने के लिए कहते थे।
क्या कहा था पृथ्वीराज चव्हाण ने
कांग्रेस में असंतुष्ट जी-23 खेमे के सदस्य और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दो जून को कहा था कि पिछले चार साल में वह पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर सके हैं। चव्हाण ने एक कार्यक्रम में कहा कि उदयपुर में हाल ही हुए कांग्रेस सम्मेलन में कोई चिंतन या आत्मनिरीक्षण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह जब भी दिल्ली में होते हैं तो कभी कभार डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात हो जाती है लेकिन उनका स्वास्थ्य अब पहले जैसा नहीं है। वह अस्पताल में भर्ती रहते हैं और बात करने को तैयार रहते हैं। साथ ही कहा कि उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए समय मांगा और मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि एक शिकायत है कि पार्टी नेतृत्व उतना सुलभ नहीं है जितना होना चाहिए।
पार्टी को ईमानदार आत्मनिरीक्षण की जरूरत
उदयपुर चिंतन बैठक पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी के समक्ष उत्पन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए एक चिंतन शिविर बुलाने पर सहमत हुई थी लेकिन ‘राजा से अधिक वफादार’ किसी शख्स ने फैसला किया कि चिंतन या आत्मनिरीक्षण की जरूरत नहीं है। इसलिए उदयपुर बैठक एक नव संकल्प शिविर था। पार्टी ने महसूस किया कि पोस्टमार्टम की कोई आवश्यकता नहीं है और केवल भविष्य की ओर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ईमानदार आत्मनिरीक्षण होना चाहिए। इसके लिए किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाना चाहिए पर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गलतियां फिर से दोहराई न जाएं। असम और केरल विधानसभा चुनाव के बाद एक समिति बनाई गई थी लेकिन समिति की रिपोर्ट अलमारी में दफन कर दी गई जोकि सही नहीं है।
पार्टी नेतृत्व को ईमानदार सलाह नहीं दी जा रही
पूर्व सीएम ने कहा कि हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले कपिल सिब्बल महसूस करते थे कि कांग्रेस नेतृत्व को ईमानदार सलाह नहीं दी जा रही है और ‘नामित’ लोग केवल वही सलाह दे रहे हैं जो नेतृत्व को पसंद है।
मोदी को हराने को व्यापक गठबंधन करना होगा
उन्होंने कहा कि यदि हम 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को हराना चाहते हैं तो हमें आने वाले 12 राज्यों के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हमें समान विचारधारा वाली पार्टियों का बड़ा, व्यापक गठबंधन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हम 2024 में हारे तो उदार लोकतंत्र की भावना हारेगी। पार्टी में हमें जल्द से जल्द चुनाव कराना होगा।
‘साफ्ट हिंदुत्व’ सही रणनीति नहीं
कांग्रेस की ‘साफ्ट हिंदुत्व’ की रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए चव्हाण ने कहा कि यह सही रणनीति नहीं है क्योंकि इस मामले में लोग हमारी बजाय भाजपा के ‘हार्ड हिंदुत्व’ की ओर जाएंगे। उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों ने कांग्रेस को वोट नहीं किया। हमें धर्मनिरपेक्षता को सही से परिभाषित करना होगा। राज्य का कोई धर्म नहीं होता है। आप एक धर्म पर दूसरे को नहीं चुन सकते हैं।