देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच केरल से अच्छी खबर आई है। यहां एक आदिवासी पंचायत के सभी लोगों को कोरोना का टीका लगा दिया गया है। हालांकि, इनमें वे लोग शामिल नहीं हैं, जो हाल ही में संक्रमित हुए थे।
केरल के वायनाड जिले का नूलपुझा पूर्ण टीकाकरण करने वाली राज्य की पहली आदिवासी पंचायत बन गई है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार इसकी जानकारी दी। विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि पंचायत के विभिन्न हिस्सों के पांच स्कूलों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए ताकि आदिवासी विभाग के वाहनों के जरिए आदिवासियों को वहां लाया जा सके। जो लोग शिविरों तक नहीं पहुंच सके, उन्हें सीधे कॉलोनियों में जाकर टीका लगाया गया।
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उन्होंने कहा कि वे लोग जो पिछले तीन महीनों में कोरोना संक्रमित या प्राथमिक संपर्क के दायरे में थे, उन्हें टीका नहीं लगाया गया है। कॉलोनियों में रहने वाले उन लोगों के लिए जिनके पास आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज नहीं थे, कॉलोनी में ही किसी व्यक्ति के संदर्भ आईडी का उपयोग करके उन्हें पंजीकृत करने के लिए कोविन ऐप पर एक विशेष प्रावधान उपलब्ध कराया गया था।
मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने विजयन को लिखी चिट्ठी
उधर, केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सीएम पिनाराई विजयन को हाल के दिनों में अस्पताल पर हमलों की बार-बार होने वाली घटनाओं के बारे में पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस मामले को देखने और आवश्यक कदम उठाने को कहा है। उनकी मांग है कि अस्पतालों में सीसीटीवी जैसे संसाधनों को बढ़ाया जाए और घटना के बाद तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।