महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन में किसी तरह की ढील नहीं दी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में छूट देकर जोखिम नहीं उठा सकते। लेकिन ग्रीन जोन में अधिक रियायत दी जाएगी। हालांकि ग्रीन जोन में यथास्थिति बनाए रखना बड़ी चुनौती है फिर भी सरकार ने 50 हजार कंपनियां खोलने की अनुमति दे दी है। ठाकरे ने दावा किया कि जो कंपनियां शुरू हुई हैं उसमें पांच लाख से ज्यादा लोग काम पर लग चुके हैं।
महाराष्ट्र से प्रवासी श्रमिकों के पलायन के बीच सूबे में 50 हजार से ज्यादा कंपनियों में काम शुरू हो चुका है। इन कंपनियों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक अपने गांव जा चुके हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्थानीय लोगों से खास अपील की कि भूमिपुत्रों आगे आओ और आत्मनिर्भर बनो। उनके आह्वान का संकेत साफ है कि राज्य की जिन नौकरियों में प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे उस स्थान पर भूमिपुत्र स्वयं को स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि राज्य में विदेशी निवेश के द्वार खुले हैं। सरकार ने सूबे में 40 हजार एकड़ जमीन उद्योग के लिए आरक्षित रखा है। राज्य में पर्यावरण पूरक यानि ग्रीन उद्योग के लिए कोई शर्त नहीं हैं। यदि जमीन नहीं खरीदना चाहते तो सरकार किराये पर भी जमीन देने के लिए तैयार है। हम राज्य में नया उद्योग पर्व शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रवासी श्रमिकों का आह्वान किया कि वे पैदल न जाएं। राज्य सरकार की तरफ से ट्रेनों के अलावा बसों की भी व्यवस्था की गई है। प्रवासी श्रमिकों के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ठाकरे ने कहा कि अब तक पांच लाख से अधिक प्रवासियों को बस और ट्रेन के जरिए भेजा जा चुका है।