यूजीसी और एआईसीटीई के विलय की फिलहाल सरकार की कोई तैयारी नहीं है। सरकार एआईसीटीई व यूजीसी को सिंगल हायर एजुकेशन रेगुलेटर (हीरा) में तब्दील नहीं कर रही है। वहीं, यूजीसी नेट परीक्षा भी पूर्व की भांति साल में दो बार आयोजित की जाएगी।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया कि सरकार यूजीसी और एआईसीटीई के विलय की तैयारी नहीं कर रही है।
यूजीसी और एआईसीटीई का विलय कर हीरा के गठन करने की भी फिलहाल कोई योजना नहीं है। यूजीसी और एआईसीटीई के ढंग से काम न करने के चलते ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ड्रॉफ्ट बनाने के लिए गठित कमेटी ने अपने सुझाव में कहा गया था
बिना देरी इन दोनों संस्थाओं को भंग करते हुए इसके स्थान पर एक ही सिंगल हायर एजुकेशन रेगुलेटर का गठन होना चाहिए। इसके अलावा अन्य कमेटी ने भी इस प्रकार का सरकार को सुझाव दिया था। हालांकि अब सरकार ने साफ किया है कि ऐसी कोई तैयारी नहीं चल रही है।
यूजीसी नेट परीक्षा एक बार करने का कोई इरादा नहीं
पांडे ने साफ किया कि सरकार फिलहाल यूजीसी नेट परीक्षा वर्ष में एक बार आयोजित करने पर विचार नहीं कर रही है। हालांकि सीबीएसई ने इस प्रकार का प्रस्ताव भेजा था, क्योंकि छात्रों की संख्या अधिक होने के बाद भी पास फीसदी 3.39 फीसदी ही रहा है।
वर्ष 2016-17 में 11,16,526 छात्रों ने आवेदन किया था , जिसमें से 31,566 छात्र ही परीक्षा में बैठे और महज 3.39 फीसदी ही पास हुए थे। वहीं, वर्ष 2015 की परीक्षा का पास फीसदी 4.96 था।