पीएम मोदी ने हामिद अंसारी के विदाई भाषण में उनके तारीफ के पुल बांधे। उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी को कभी विवादों में घिरते नहीं देखा है। पीएम ने आगे कहा कि 'मुझे ऐसा कोई विवाद नजर नहीं आया जिसमें हामिद अंसारी का नाम का जुड़ा हो।
उन्होंने कहा कि अंसारी ने उपराष्ट्रपति पद को 10 साल तक संभाला और सरकार की सिफारिशों को आगे बढ़ाया जिसमें सदन में सुधार और उसकी विश्वसनीयता को बनाए रखने संबंधित सवाल थे। वहीं, अंसारी ने पीएम मोदी की इन सब बातों को उन्हें प्रभावित कर देने वाली बताया।
अंसारी ने कहा कि ' दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां राजनीतिक विपक्ष, शारीरिक विपक्ष में तब्दील हो जाता है। हम एकत्रित हैं क्योंकि हम इसे एक हॉकी के खेल की तरह समझते हैं, जहां नियमों के हिसाब से चला जाता है और इन 10 सालों में मैनें यही सीखा।
245 सदस्यों का ये सदन साथियों का घर था ना कि युद् करने वाले गुटों का। इस प्रकिया में यही एक अद्वितीय बात है कि सदन के हर विभाग में मैंने साथी बनाए हैं और किसी एक ने भी मुझ पर किसी एक की तरफ झुकाव का आरोप नहीं लगाया है और मैं पूरी तरह से संतुष्ट होकर सदन से अलविदा ले रहा हूं।'
अपने संबोधन में अंसारी ने ये भी कहा कि अगर विपक्ष को सरकार की आलोचना की आजादी नहीं दी गई तो लोकतंत्र को तानाशाह में बदलने में वक्त नहीं लगेगा। वहीं, अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में अल्संख्यकों का सुरक्षित होना भी जरुरी है।
अंत में अपने भाषण में अंसारी ने उपराष्ट्रपति की तुलना एक क्रिकेट के अंपायर और हॉकी मैच के रैफरी से की और कहा कि ये दोनों ही बिना खिलाड़ी बने खेल पर नजर बनाये रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा कोई बाध्यकारी सदन नहीं है और मैं आशा करता हूं कि अगले चेयरमैन इस पद की गरिमा बनाए रखें।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता वेंकैया नायडू शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पर आसिन होंगे और साथ ही राज्यसभा के चेयरमैन का पद संभालेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा कोई बाध्यकारी सदन नहीं है और मैं आशा करता हूं कि अगले चेयरमैन इस पद की गरिमा बनाए रखें।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता वेंकैया नायडू शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पर आसिन होंगे और साथ ही राज्यसभा के चेयरमैन का पद भी संभालेंगे।