गृह मंत्रालय ने नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के निदेशक डॉ बीके बंसल के हवाले से कहा है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हाल ही में हुई भूकंपीय गतिविधियों के संबंध में घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन भूकंप के जोखिम को कम करने के लिए तैयारी और शमन उपाय करना महत्वपूर्ण है।
एनसीएस के निदेशक ने बताया कि दिल्ली और इसके आसपास के भूकंपीय इतिहास को देखते हुए, दिल्ली-एनसीआर में मामूली भूकंपों की घटना असामान्य नहीं है। हालांकि, कोई सिद्ध तकनीक नहीं है जिसमें भूकंप की स्थिति, समय और परिमाण के अनुसार निश्चितता के साथ भविष्यवाणी की जाती है।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ महीनों में कई छोटे-छोटे भूकंप के झटके लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यहां पिछले दो महीने में 16 झटके लगे हैं। इनमें अधिकतर भूकंप के झटकों का केंद्र हरियाणा के गुरुग्राम-रोहतक के नजदीक रहा है।
दिल्ली में लगने वाले इन भूकंप के झटकों को लेकर कई विशेषज्ञों ने चेताया है और सावधानी बरतने की सलाह दी है।