NMC - National Medical Commission
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राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेजों की मनमानी का तोड़ निकाला है। एनएमसी ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय पर 40 से ज्यादा स्क्रीन वाले कमांड सेंटर को शुरू किया है, जहां देश के 706 मेडिकल कॉलेजों के 17,650 सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
एनएमसी के मुताबिक, इन रिपोर्ट का इस्तेमाल तब किया जाएगा जब मेडिकल कॉलेज सीट बढ़ोतरी या अन्य किसी सुविधा के लिए आवेदन करेगा। सरल शब्दों में कहें तो अगर कोई मेडिकल कॉलेज यह दावा करता है कि उनके अस्पताल में रोजाना 200 मरीजों का इलाज हो रहा है तो उसकी जांच के लिए कमांड सेंटर की दैनिक निगरानी रिपोर्ट से देखा जाएगा। इस तरह औचक निरीक्षण के बिना ही एनएमसी संबंधित मेडिकल कॉलेज की पूरी कार्यप्रणाली की जांच कर सकता है।
पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष प्रक्रिया
एनएमसी के एथिक्स मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य और प्रवक्ता डॉ. योगेंद्र मलिक ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये कई तरह के कार्य काफी आसान हुए हैं। कुछ वर्ष पहले तक जब एनएमसी के स्थान पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) था तब हर साल औचक निरीक्षण के लिए बकायदा विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाती थी। इसके बाद भी निष्पक्ष प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते थे। हालांकि, 2019 में स्थापित एनएमसी ने आईटी तकनीक के जरिये इस प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने का तरीका खोजा है। इसका पायलट ट्रायल काफी प्रभावी रहा जिसे अब पूरी तरह से लागू कर दिया है।
लाइव मॉनिटरिंग से लाभ
- मेडिकल कॉलेज, अस्पताल की पूरी गतिविधि एनएमसी के रिकाॅर्ड में ऑनलाइन दर्ज की जा रही है।
- औचक निरीक्षण पर बेवजह खर्च और समय दोनों की बचत।
- कर्मचारियों और चिकित्सा छात्रों की पूरी हाजिरी।
- डॉक्टरों के अस्पताल में रहने से मरीजों को फायदा।