नीतीश कुमार और अखिलेश यादव (फाइल)
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उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर कड़ी टिप्पणाी की है। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार का एक बार फिर सीएम बनना साजिश का नतीजा है। सपा नेता अखिलेश ने कहा कि बिहार की सत्ता में बदलाव भाजपा की हताशा का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने साजिश करके नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद तक सीमित कर दिया। उन्होंने नीतीश को भावी प्रधानमंत्री करार दिया।
जनता बिहार का सम्मान बचाने की लड़ाई लड़ेगी
अखिलेश ने इस फैसले को बिहार की जनता का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता आगामी चुनाव में प्रदेश का सम्मान बचाने की लड़ाई लड़ेगी। भाजपा को हराने के लिए जनता एकजुट होकर मतदान करेगी। गठबंधन को लोकसभा चुनाव में मात मिलेगी।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद (फाइल)
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के कद्दावर राजनेताओं में शुमार रविशंकर प्रसाद ने नीतीश सरकार बनने पर कहा, अब डबल इंजन की सरकार बिहार में तेज विकास करेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा-जदयू गठबंधन लोकसभा चुनाव 2024 में सभी 40 लोकसभा सीटें जीतने में सफल रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल)
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रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी को बधाई। उन्होंने भरोसा जताया कि नई टीम बिहार में जनकल्याण की नई इबारत लिखेगी।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय। (फाइल)
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने भी बिहार में नई सरकार के गठन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, बिहार के लिए अच्छी सरकार जरूरी है। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, राजद के लोग बिहार में उत्पात मचा रहे थे और अपराधियों को शरण मिल रही थी। आज नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हो गया है। हम 2024 में बिहार की सभी 40 सीटें जीतेंगे और 2025 में सरकार बनाएंगे।
राकांपा प्रमुख शरद पवार (फाइल ग्राफिक)
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बिहार की सियासी उथल-पुथल के बाद नई सरकार का गठन हुआ है। इस पर वयोवृद्ध राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा, पटना में जो कुछ भी हुआ, इतने कम समय में तेजी से बदली स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। नीतीश कुमार ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने खुद पटना में सभी गैर-भाजपाई दलों के साथ आने की बात कही थी। नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने के बाद पवार ने सवाल किया, पिछले 10-15 दिनों में ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने इस विचारधारा को छोड़ दिया? नीतीश को इसका जवाब देना चाहिए।
बकौल पवार पिछले 10 दिनों में यह ऐसा नहीं लग रहा था कि नीतीश ऐसा कोई कदम उठाएंगे। इसके विपरीत वह बीजेपी के खिलाफ भी भूमिका निभा रहे थे। अचानक क्या हुआ पता नहीं। पवार ने आगाह किया कि भविष्य में जनता उन्हें सबक जरूर सिखाएगी।