मीडिया रिपोर्ट में इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि जयशंकर या सीतारमण बंगलूरू से चुनाव लड़ेंगे। 2019 में भाजपा ने बंगलूरू की सभी तीन सीट पर जीत दर्ज की थी। सीतारमण राज्यसभा में कर्नाटक प्रतिनिधित्व करती हैं और तमिलनाडु व तेलंगाना से भी काफी अच्छी तरह से परिचित हैं।
मदुरै में जन्मीं सीतारमण ने जनवरी में अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले तमिलनाडु का दौरा किया था और कांचीपुरम में एक समारोह में पहुंची थीं। वहीं, बंगलूरू में अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा हासिल करने वाले जयशंकर ने पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था।
भाजपा के हलकों में इस तरह की भी अटकलें हैं कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर केरल के तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी ने उन्हें फिर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया। जिससे संसदीय चुनावों में उनके उतरने का रास्ता लगभग साफ है।
चंद्रशेखर ने पार्टी के बंगलूरू केंद्रित चुनाव अभियानों का समर्थन किया था। लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि भाजपा उन्हें तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ने के लिए कह सकती है। तिरुवनंतपुरम सीट से से अभी कांग्रेस के शशि थरूर सांसद हैं।