एनआईए विशेष अदालत के जज अनिल के भास्कर ने पहले और पांचवें आरोपी मिलधिलराज (31) और हामसा (61) को सात साल की सजा के साथ ही 50,000 का जुर्माना भी लगाया। वहीं, दूसरे आरोपी अब्दुल रजाक (38) को छह साल की कैद और 40,000 जुर्माना लगाया गया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को केरल के वलापट्टनम इस्लामिक स्टेट (आईएस) मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा का एलान कर दिया। अदालत ने दो लोगों को सात साल की सजा और तीसरे व्यक्ति को छह साल कैद की सजा सुनाई।
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एनआईए विशेष अदालत के जज अनिल के भास्कर ने पहले और पांचवें आरोपी मिलधिलराज (31) और हामसा (61) को सात साल की सजा के साथ ही 50,000 का जुर्माना भी लगाया। वहीं, दूसरे आरोपी अब्दुल रजाक (38) को छह साल की कैद और 40,000 जुर्माना लगाया गया है। तीनों पर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की विचारधारा के प्रचार-प्रसार करने और सीरिया जाने की कोशिश का दोषी पाया गया है।
तीनों को गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम (यूएपीए) की धारा 38 और 39 के साथ ही भादंसं की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी पाया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने केरल पुलिस की ओर से अक्तूबर, 2017 में दर्ज मामले पर वापस केस दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी ने बाद में अप्रैल, 2018 में चार लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।