आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के दौरान 94.70 फीसदी की शानदार दोषसिद्धि दर दर्ज की और करीब 56 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। 2022 में गिरफ्तार किए गए 490 आरोपियों की तुलना में इस साल एनआईए द्वारा की गई कुल गिरफ्तारियों की संख्या 625 थी, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 28 फीसदी की वृद्धि है।
इनमें आईएसआईएस मामलों में गिरफ्तार 65 आरोपी, जिहादी आतंकी मामलों में गिरफ्तार 114, मानव तस्करी के मामलों के 45 आरोपी, आतंकवादी और संगठित आपराधिक गतिविधि के 28 आरोपी और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) मामलों के 76 आरोपी शामिल हैं।
आतंकवाद रोधी एजेंसी ने 2023 में कुल 68 मामले दर्ज किए। जिसमें आतंकवाद से जुड़ी कई घटनाएं शामिल हैं। इनमें विभिन्न राज्यों में जिहादी आतंकवाद के 18 मामले, जम्मू-कश्मीर से तीन मामले, वामपंथी उग्रवाद के 12 मामले, पंजाब में आतंकवादी और संगठित आपराधिक गतिविधि से जुड़े सात मामले, पूर्वोत्तर के पांच मामले और जाली भारतीय मुद्रा नोटों (एफआईसीएन) से संबंधित दो मामले शामिल हैं।
वहीं, जिन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए या जिन्हें दोषी ठहराया गया उनकी संख्या 513 और 74 थी, जबकि 2022 में यह संख्या 2022 में 459 और 79 थी। 2023 के दौरान दोषी ठहराए गए 74 आरोपियों को सजा के रूप में 'कठोर कारावास' और 'जुर्माने' की विभिन्न मात्रा की सजा सुनाई गई थी।
जहां तक भगोड़ों की बात है, एनआईए 2023 में 47 आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने में कामयाब रही। जो पिछले साल की तुलना में 14 अधिक थी। इस संबंध में सबसे बड़ी सफलता अटारी सीमा हेरोइन जब्ती मामले में एक प्रमुख फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मिली, जिसमें भारत-पाक सीमा के जरिए अफगानिस्तान से 102 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों की तस्करी शामिल थी।
इसके अलावा, निर्वासन और प्रत्यर्पण पर की गई गिरफ्तारियां अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार अपराधियों का पीछा करने के लिए एनआईए की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। अमृतपाल सिंह उर्फ अम्मी, अमरीक सिंह, मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह को फिलीपींस से निर्वासित किया गया था। जबकि, विक्रम बरार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से निर्वासन के बाद गिरफ्तार किया गया था।