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एल्गार परिषद मामला: महाराष्ट्र सरकार और एनआईए ने किया आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध, अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला

Wed, 01 Sep 2021 06:32 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एल्गार परिषद मामले में कुछ आरोपियों ने तकनीकी गलती के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। महाराष्ट्र सरकार और एनआईए ने इन्हें जमानत देने का विरोध किया। 
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बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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एल्गार परिषद-माओवादी संबंधों के मामले में कुछ आरोपियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत यचिका दाखिल की थी। बुधवार को महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), दोनों ने इन जमानत याचिकाओं का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। 

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सुधीर धवाले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गैडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, वरनॉन गोंजाल्विस और अरुण फेरेरा ने पुणे सत्र अदालत की शक्ति को चुनौती दी है, जिसने 2019 में इस मामले की चार्जशीच का स्वत: संज्ञान लिया था। आरोपियों ने याचिका में तकनीकी आधार पर या डिफॉल्ट जमानत देने की मांग की है।

धवले के वकील सुदीप पासबोला ने न्यायाधीश एसएस शिंदे और एनजे जामदार की पीठ से कहा कि आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। ऐसे में केवल यूएपीए के लिए विशेष अदालत ही ये मामला देख सकती है, सामान्य सत्र अदालत नहीं। 

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