एनआईए ने रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले के मुख्य आरोपी के रूप में मुसाविर हुसैन शाजिब और सह-साजिशकर्ता के रूप में अब्दुल मथीन ताहा की पहचान की है। इससे पहले हाल ही में एनआईए ने कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने कहा था कि धमाके में संलिप्त फरार आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिशें जारी हैं।
एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी मुसाविर हुसैन शाजिब और सह-साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा दोनों कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली के निवासी हैं। इसके अलावा, मामले में जांच के दौरान मुजम्मिल शरीफ को 26 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। मुजम्मिल शरीफ ने मुख्य आरोपी व्यक्तियों को विस्फोट के लिए सामग्री उपलब्ध कराई थी। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई थी। इस दौरान एजेंसी ने यह भी बताया कि उसने 29 मार्च को इस मामले में शामिल हर भगोड़े की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर 10 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में सबूत और जानकारी इकट्ठा करने के लिए फरार और गिरफ्तार आरोपी व्यक्तियों के कॉलेज और स्कूल के दोस्तों सहित सभी परिचितों को बुला रही है और उनसे पूछताछ कर रही है। इस दौरान उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी से सहयोग मांगा।
गौरतलब है कि एक मार्च को बेंगलुरु के वाइटफील्ड इलाके में स्थित रामेश्वरम कैफे में धमाका हुआ था। इस धमाके में कई लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। धमाके का संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। धमाके के तुरंत बाद कर्नाटक पुलिस ने मामले को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।