कश्मीर में हिंसा फैलाने, पाकिस्तान से फंडिंग, पत्थरबाजों के लिए भीड़ को उकसाना और पैसे देने जैसे कई मामलों के आरोप में एनआईए ने सोमवार को सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया। एनआईए ने जांच में अलगाववादी नेताओं और जम्मू कश्मीर के युवाओं की बातचीत के कई ऐसे इलेक्टॉनिक सबूत इकट्ठा किए हैं, जिनमें अलगाववादी नेता भीड़ को पत्थरबाजी के लिए कह रहे हैं।
टेलीफोन पर हुई बातचीत में पता चलता है कि पत्थरबाज लोकल और मध्यम स्तर के हुर्रियत नेताओं के संपर्क में रहते थे। जो बड़े अलगाववादी नेताओं के संपर्क में हैं। एनआईए ने इस जांच में एक बड़े आतंकी फंडिग का भी खुलासा किया है। जिसमें अलागववादी नेता लोकल नेताओं को फंड देते थे, जो इस फंड को पत्थरबाजों तक पहुंचाते थे।
साथ ही एनआईए ने कई सारे फोन नंबर की लोकेशन भी ट्रैक की, जिससे पता चलता है कि आतंकियों से मुठभेड़ से दौरान ये लोग सेना के जवानों के लिए समस्या पैदा करते थे। गौरतलब है कि कश्मीर में उपद्रव और हिंसा फैलाने, पाकिस्तान से फंडिंग के मामले में एनआईए ने सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी नेताओं को दिल्ली कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला के जरिए फंडिंग, आतंकी संगठनों से कनेक्शन और मनी लॉंड्रिग से जुड़े मामलों मे शामिल होने के शक के आधार पर एनआईए ने अलगाववादी नेताओं के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
इस छापेमारी में एनआईए को आतंकी संगठनों के लेटरहेड समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।