इसके साथ ही इस मामले में आरोप-पत्र दाखिल किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। मुख्य आरोपपत्र में पांच आरोपियों को नामजद किया गया था और इस साल अप्रैल और जून में पहले पूरक आरोपपत्र में दो आरोपियों को नामजद किया गया था। पश्चिम बंगाल के मनोज घोष और इस्लाम चौधरी के खिलाफ बुधवार को ताजा पूरक आरोपपत्र दायर किया गया। संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन पर भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की एक टीम द्वारा बीरभूम के एमडी बाजार पुलिस थाना क्षेत्र में एक वाहन से 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त किए जाने के बाद सितंबर 2022 में मामला दर्ज किया गया था। वाहन के चालक आशीष केओड़ा को भी गिरफ्तार किया गया था और बाद में तलाशी के दौरान एक अवैध गोदाम से 2,525 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 27,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और 1,625 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें जब्त की गई थीं।
एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि जब्त दस्तावेजों से पता चला है कि अब तक कुल 86,700 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें; 4,99,222 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 204 नोनेल (बड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर) अवैध रूप से विभिन्न अवैध खनिकों को आपूर्ति की गई हैं। प्रवक्ता ने कहा कि जांच से पता चला है कि बहादुरपुर के कालीपुर में स्थित राजलक्ष्मी स्टोन वर्क्स के मालिक घोष ने अवैध पत्थर खनन के लिए आरोपी रिंटू एसके से अवैध रूप से इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, अमोनियम नाइट्रेट और जिलेटिन की छड़ें जैसे विस्फोटक खरीदे और उन्हें एक सार्वजनिक स्थान के आसपास संग्रहीत किया, जिससे नागरिक आबादी के जीवन और संपत्ति को खतरा हुआ।