एनआईए ने शुक्रवार को प्रतिबंधित भाकपा माओवादी पार्टी के सात सदस्यों के खिलाफ हैदराबाद की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर कर दिया। इन पर लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार के खिलाफ जंग की आपराधिक साजिश रचने, आतंकी कृत्य करने और देश के सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले के आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में इन सभी आरोपियों पर भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं, गैर कानूनी गतिविधियां निवारक कानून (UAPA), विस्फोटक सामग्री निरोधक कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए के जांच अधिकारी ने बताया कि मामले के चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और तीन फरार हैं।
आरोप पत्र में मुथु नागराजू (37), कोम्मराजुला कनुकैया (31), सुरा सरैया (तेलंगाना) को नामजद किया गया है। इनके अलावा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की माडवी हिडमा, जो भाकपा (माओवादी) की पहली बटालियन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की स्वयंभू कमांडर भी हैं, के साथ तेलंगाना राज्य समिति के सदस्य और 49 वर्षीय कोय्यादा सांबैया के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सीपीआई (माओवादी) की बदराद्री कोठागुडेम-पूर्वी गोदावरी (डीके-ईजी) डिवीजनल कमेटी के सचिव, तेलंगाना के 26 वर्षीय मदकम कोसी और चेरला एरिया कमेटी (दलम) के स्वयंभू कमांडर और तेलंगाना के 43 वर्षीय वल्लेपु स्वामी के भी नाम हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक अधिकारी ने बताया कि सातों आरोपियों के खिलाफ मामला फरवरी में तेलंगाना में दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि हिडमा, सांबैया, कोसी सहित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष सदस्यों ने सुरक्षा कर्मियों पर हमले सहित आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की तैयारी करके लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए कुछ भूमिगत कार्यकर्ताओं (ओजीडब्ल्यू) के साथ आपराधिक साजिश रची थी।
ओजीडब्ल्यू ने फरवरी में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लाइसेंस प्राप्त फर्मों से 500 किलोग्राम बूस्टर, 400 जिलेटिन स्टिक, 400 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 5,500 गैर-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 5,490 सुरक्षा फ्यूज और अन्य सामग्री और मशीनरी सहित विस्फोटक खरीदे और उन्हें वाहनों के माध्यम से ले जाया गया। वन विभाग के कर्मियों के वेश में उन्हें तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में हिडमा और अन्य माओवादियों के पास पहुंचाया।