जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक से भरे वाहन पाए जाने और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपी पूर्व पुलिस कर्मी सचिन वाजे की जमानत याचिका शनिवार को एनआईए कोर्ट ने खारिज कर दी है। यह दूसरी बार है, जब विशेष एनआईए अदालत ने मामले पर आरोपी वाजे की नियमित जमानत याचिका खारिज की है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद है।
आरोपी ने कहा - निराधार आरोपों पर आधारित केस
अप्रैल माह में दायर याचिका में वाजे ने दावा किया कि उनके खिलाफ पूरा मामला अस्वीकार्य सामग्री के साथ निराधार आरोपों पर आधारित है। जिस पर मुकदमा चलाने के लिए किसी भी स्तर पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
याचिका में कहा- अंबानी और उनके परिवार का करते हैं सम्मान
जमानत याचिका में कहा गया कि भारत के नागरिक के रूप में, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान के लिए अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों का सबसे अधिक सम्मान करते हैं। भारत का सबसे मजबूत संरक्षित निजी परिवार है। किसी भी परिस्थिति में उनके खिलाफ मूर्खतापूर्ण अपराध करने के बारे में सोच भी नहीं सकता।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप लगाया कि सचिन वाजे, जो उस समय मुंबई अपराध शाखा में सहायक पुलिस निरीक्षक थे, ने एक साजिश के तहत एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरा एक वाहन खड़ा किया था। साथ ही कहा गया कि मनसुख हिरेन ने पुलिस को गलत सूचना दी थी कि वाहन उससे चोरी हो गया था। लेकिन जब उसने बाद में कहा कि वह सच्चाई बताएगा, तो साजिशकर्ताओं ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी।
एनआईए का दावा, वाजे सीधे तौर पर अपराधी
एनआईए ने कहा, यह स्पष्ट है कि वाजे सीधे तौर पर अपराध में शामिल है और आतंकवादी कृत्य को अंजाम देना, आतंकवादी गिरोह का सदस्य होना, हिरन का अपहरण और हत्या और आपराधिक साजिश के लिए दंडनीय अपराध किए हैं।
क्या था मामला ?
25 फरवरी, 2021 को अंबानी के आवास के पास विस्फोटकों से भरा एक वाहन मिला था । व्यवसायी मनसुख हिरेन ने इस मामले में बताया था कि चोरी होने से पहले वो वाहन उसके पास था। बाद में 5 मार्च, 2021 को ठाणे में मनसुख मृत पाया गया था।