पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारतीय नौसेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश रच रही है। इससे जुड़े विशाखापत्तनम जासूसी मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई के एक शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
बताया जा रहा है कि एनआईए ने रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं जुटाने के लिए भारतीय नौसेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने की पाकिस्तानी खुफिया इकाई के एक प्रमुख आरोपी अमान सलीम शेख के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। बता दें, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शेख को पिछले साल 20 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
इसमें कहा गया है कि आतंकवाद रोधी एजेंसी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एनआईए की विशेष अदालत में गुरुवार को शेख के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया।
असम के होजाई और नागांव जिलों में की गई थी छापेमारी
अमान सलीम शेख को एनआईए द्वारा मुंबई (महाराष्ट्र) में दो स्थानों और असम के होजाई और नागांव जिलों में की गई छापेमारी के बाद मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। शेख की गिरफ्तारी के साथ, मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या तीन हो गई है। दो फरार पाकिस्तानी गुर्गों सहित कुल चार लोगों के खिलाफ एनआईए पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
शेख को उन सिम कार्डों के मामले में शामिल पाया गया था, जिनका उपयोग रैकेट में शामिल पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों द्वारा किया जा रहा था, जो पहली बार 2021 में सामने आया और आंध्र प्रदेश के काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने 12 जनवरी, 2021 को मामला दर्ज किया था।
छापेमारी में दो मोबाइल भी जब्त
एनआईए ने पिछले साल जून में मामला अपने हाथ में लिया था। टीमों ने आज उस स्थान से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए थे, जहां से शेख को गिरफ्तार किया गया था। टीम द्वारा की गई छापेमारी में अन्य स्थानों से दो और मोबाइल फोन और कई संवेदनशील दस्तावेज जब्त किए गए थे।
पिछले साल 19 जुलाई को एनआईए ने फरार पाकिस्तानी नागरिक मीर बालाज खान समेत दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। जांच से पता चला था कि मीर बालाज खान, गिरफ्तार आरोपी आकाश सोलंकी के साथ, एक जासूसी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जो भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर रहे थे और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को लीक कर रहे थे।
पिछले साल दो आरोपियों के खिलाफ दायर हुआ था आरोप पत्र
पिछले साल छह नवंबर को, एनआईए ने दो अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिनकी पहचान मनमोहन सुरेंद्र पांडा और अल्वेन के रूप में की गई थी।