एनआईए अधिकारियों ने बताया कि गाबा ने 22 मार्च 2023 को लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने भारत विरोधी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। 25 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
2023 में लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले की जांच में एनआईए ने बड़ा कदम उठाया है। मामले की जांच के दौरान एनआईए ने हमले के मुख्य आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
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दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर करते हुए एनआईए ने मुख्य आरोपी ब्रिटेन के हाउंस्लो निवासी इंद्रपाल सिंह गाबा पर आरोप लगाए हैं। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि गाबा ने 22 मार्च 2023 को लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने भारत विरोधी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। 25 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि इंद्रपाल सिंह गाबा समेत कई संदिग्धों के खिलाफ एलओसी जारी किया गया था। गाबा को पिछले साल नौ दिसंबर को अटारी सीमा पर हिरासत में लिया गया, जब वह पाकिस्तान से भारत में प्रवेश कर रहा था। तब उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया था और जांच की गई।
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एनआईए ने कहा कि गाबा के खिलाफ जांच शुरू की गई और जांच जारी रहने तक उन्हें देश नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है। मामले में एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि पिछले साल 19 और 22 मार्च को लंदन में हुईं घटनाएं भारतीय मिशनों और उसके अधिकारियों पर हमला करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं। खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने लंदन में भारतीय मिशन में तोड़फोड़ करने की कोशिश की थी। उन्होंने 19 मार्च को उच्चायोग के परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए तिरंगे का अपमान किया था।
जांच में सामने आया कि मार्च 2023 में लंदन में हुए हमले 18 मार्च 2023 को खालिस्तानी समर्थक अलगाववादी अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस की गई कार्रवाई का बदला थे। जांच एजेंसी ने कहा कि उच्चायोग पर हमले का उद्देश्य पंजाब राज्य को भारत से अलग करके खालिस्तान के उद्देश्य को आगे बढ़ाना और हासिल करना था।