आंध्र प्रदेश में एक महिला को पेड़ से बांधकर पीट जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा है। बता दें कि, पीड़ित महिला के पति की तरफ से कर्ज न चुका पाने के बाद लेनदार ने महिला को पेड़ से बांधा और सरेआम पिटाई की थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस चित्तूर जिले के एक गांव में एक महिला को सार्वजनिक रूप से पेड़ से बांधकर पीटे जाने की खबर के बाद जारी किया गया है। महिला के पति ने कर्ज नहीं चुकाया था, जिसके कारण महिला के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया।
16 जून को महिला के साथ की गई बर्बरता
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जून को नारायणापुरम गांव में एक पैसे का उधारी देने वाला व्यक्ति महिला को पेड़ से बांधकर पीट रहा था क्योंकि उसके पति ने 80,000 रुपये का कर्ज नहीं चुकाया था। महिला को ग्रामीणों ने बचाया और उसे मुक्त किया।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: लिया संज्ञान
एनएचआरसी ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख से दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला के पति ने तीन साल पहले उधारी ली थी, लेकिन उसे चुकता नहीं कर सका और गांव छोड़ दिया। तब से महिला अपने तीन बच्चों के साथ काम करके कर्ज चुकता कर रही थी।
पति ने छह महीने पहले बंगलूरू में छोड़ दिया था
मामले में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने कथित तौर पर उसे छह महीने पहले बंगलूरू में छोड़ दिया था। हालांकि, जांचकर्ताओं को संदेह है कि वे अभी भी वित्तीय मामलों को लेकर संपर्क में हो सकते हैं। इस बीच कुप्पम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मामले की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। नायडू ने जिला पुलिस अधीक्षक से विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को पीड़ित परिवार को पूरी सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।