यूआईडीएआई के पहले महानिदेशक रहे शर्मा का कहना है, ‘डाटा वॉल्ट’ की अवधारणा भ्रामक है, जो आधार के मकसद पर उलटा असर डाल रही है। यूआईडीएआई द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए आरएस शर्मा ने कहा, आधार अधिनियम कहता है कि आधार जानकारी सुरक्षित रूप से रखी जानी चाहिए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ और आधार की संस्थापक टीम के वरिष्ठ सदस्य आरएस शर्मा ने निजता आशंकाओं के चलते भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा आईडी के इस्तेमाल पर लगाए गए कुछ अंकुशों की आलोचना की है।
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यूआईडीएआई के पहले महानिदेशक रहे शर्मा का कहना है, ‘डाटा वॉल्ट’ की अवधारणा भ्रामक है, जो आधार के मकसद पर उलटा असर डाल रही है। यूआईडीएआई द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, आधार अधिनियम कहता है कि आधार जानकारी सुरक्षित रूप से रखी जानी चाहिए।
आधार संख्या एक पहचान नहीं है। डेटा वॉल्ट नोटों पर सभी संख्याओं को किसी सुरक्षित तिजोरी में रखने जैसा है। यानी इन संख्याओं का खुलासा नहीं किया जा सकता। यह एक भ्रामक तरीका है। एक बार जब आप गलत नींव रखते हैं तो आगे भी सब गलत होते जाता है। बता दें, यूआईडीएआई ने हाल ही में आधार डेटा वॉल्ट की अवधारणा पेश की है, जो अधिकृत एजेंसियों द्वारा एकत्र सभी आधार नंबरों के लिए एक केंद्रीकृत भंडारण की तरह काम करेगा।