राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ठोस कचरा स्थलों की लंबे समय से सफाई नहीं होने को गंभीर समस्या बताया। एनजीटी ने कहा, अब वक्त आ गया है कि ऐसे स्थलों को साफ किया जाए और एकत्र ठोस कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक ढंग से किया जाए।
एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने कहा, अधिकतर स्थानों पर लंबे समय से कचरा पड़े रहने से वायु, जल और भूमि प्रदूषण फैलने की आशंका है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। पीठ राजस्थान के धौलपुर जिले में तहसील वादिम के आदमपुर गांव में अवैध तरीके से ठोस कूड़ा डाले जाने का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
एनजीटी ने अपने 17 अगस्त के आदेश में कहा, राजस्थान में अनुपालन की नवीनतम स्थिति का पता लगाना आवश्यक है और यदि धौलपुर के बारी में लंबे समय से पड़े ठोस कचरे के संबंध में उठाए गए कदमों को सफल माना जाता है, तो राज्य अन्य स्थानों पर इस मॉडल को दोहराने पर विचार कर सकता है।
पीठ ने कहा, इस तरह के अनुपालन की स्थिति को संबंधित स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों के समन्वय में सचिव, शहरी विकास विभाग राजस्थान, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य पीसीबी की संयुक्त समिति द्वारा राज्य स्तर पर संकलित करने की आवश्यकता है।
संयुक्त समिति जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए 15 दिनों के भीतर अपनी पहली बैठक आयोजित कर सकती है और इस विषय पर इस ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुरूप डेटा संकलित करने और आगे की कार्रवाई के लिए एक योजना तैयार कर सकती है।