फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

REE: वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश में खोजा दुर्लभ तत्वों का भंडार; एयरोस्पेस, रक्षा में होता है इस्तेमाल

Sun, 09 Apr 2023 05:26 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

एनजीआरआई के वैज्ञानिक पीवी सुंदर राजू ने कहा कि अनंतपुर में अलग-अलग आकार का जिक्रोन देखा गया है। मोनाजाइट के दानों में अनाज के अंगर रेडियल दरारों के साथ कई रंग दिखाई देते हैं, जो ये संकेत है कि इसमें रेडियोएक्टिव तत्व मौजूद हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) के वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (REE) का भंडार खोजा है। इन तत्वों का सबसे अधिक इस्तेमाल सेलफोन, टीवी और कंप्यूटर से लेकर ऑटोमोबाइल तक में होता है। वैज्ञानिक साइनाइट जैसी गैर-पारंपरिक चट्टानों के लिए सर्वेक्षण कर रहे थे, तभी उन्हें लैंथेनाइड सीरिज में यह खनिज मिले।

विज्ञापन


एनजीआरआई के वैज्ञानिक पीवी सुंदर राजू ने कहा कि अनंतपुर में अलग-अलग आकार का जिक्रोन देखा गया है। मोनाजाइट के दानों में अनाज के अंगर रेडियल दरारों के साथ कई रंग दिखाई देते हैं, जो ये संकेत है कि इसमें रेडियोएक्टिव तत्व मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कि अनंतपुर में अलग-अलग आकार का जिक्रोन भी देखा गया है। इन आरईई के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए और गहराई तक खुदाई करके और अध्ययन करना पड़ेगा।

ये तत्व मिले...
वैज्ञानिकों को मिले इन तत्वों में एलानाइट, सीरीएटष थोराइट, कोलम्बाइट, टैंटलाइट, एपेटाइट, जिरकोन, मोनाजाइट, पायरोक्लोर यूक्सेनाइट और फ्लोराइट शामिल हैं।
विज्ञापन


यहां हो सकता है उपयोग
वैज्ञानिक पीवी सुंदर राजू ने कहा कि इन तत्वों का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस, रक्षा और स्थायी चुंबकों के निर्माण में किया जाता है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स पवन टर्बाइनों, जेट विमानों और कई अन्य उत्पादों में किया जाता है। मुख्य डेंचेरला साइट अंडाकार आकार की है, जिसका क्षेत्रफल 18 किमी वर्ग है। उन्होंने कहा कि अभी इन तत्वों पर हम और अध्ययन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें