असम में बाढ़ की वजह से आठ और लोगों की मौत
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस वजह से रविवार को आठ और लोगों की जान चली गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि धुबरी में दो, नलबाड़ी में दो, कछार में एक, गोलपारा में एक, धेमाजी में एक और शिवसागर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही असम में इस वर्ष बाढ़, भूस्खलन और तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।
महाराष्ट्र: बाढ़ में फंसे 65 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र के ठाणे में जलमग्न एक होटल से 49 लोगों को सुरक्षित निकाला। इसके अलावा पालघर में 16 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया। एनडीआरएफ के एक दल ने शाहपुर क्षेत्र में नावों पर सवार होकर होटल से सभी लोगों को सुरक्षित निकाला। आपको बता दें कि यहां भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने कहा कि चालिसपाड़ा गांव के लोग अपने खेतों में काम कर रहे थे। इस दौरान तानसा बांध में पानी का स्तर बढ़ गया और इलाके में बाढ़ आ गई। इस वजह से सभी लोग वहां फंस गए। एनडीआरएफ ने रात को 12.30 बजे अपना अभियान चलाया। इसके बाद 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 16 लोगों में आठ महिलाएं भी शामिल थीं।
Telangana: दुष्कर्म पीड़िता के 26 हफ्ते के भ्रूण को 48 घंटे में गिराने का निर्देश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को 26 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने की अनुमति दी है। अदालत ने सरकारी गांधी अस्पताल के अधीक्षक को पीड़िता का गर्भपात 48 घंटे में कराने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा है। न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी ने आदेश दिया कि बच्ची के गर्भपात की प्रक्रिया अस्पताल की वरिष्ठतम स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा की जाए व डीएनए एवं अन्य जांच के लिए भ्रूण के ऊतक व रक्त के नमूने जमा किए जाएं। इससे पहले चिकित्सकों ने 24 सप्ताह की समयसीमा पार होने के चलते गर्भपात ले इनकार कर दिया था। इसके बाद पीड़िता की मां ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।