राजस्थान के अलवर में बहुचर्चित दिव्यांग रेप केस में नया मोड़ आ गया है। पुलिस का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। अलवर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयपुर में नाबालिग का पांच डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल जांच की जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
आखिरी 10 मिनट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गुम
एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि अलवर पुलिस को जो रिपोर्ट मिली है उससे यह स्पष्ट है कि मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म नहीं हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामला गंभीर होने के चलते 6 टीम पूरे मामले में हर पहलू पर नजर बनाए हुए थी। नाबालिग के गांव से निकलने से लेकर अलवर पुलिया तक सभी कैमरों को चेक किया गया। एसपी ने बताया कि आखिरी लोकेशन और घटनास्थल के बीच की 10 मिनट की वीडियो रिकार्डिंग नहीं है। इसी दस मिनट में नाबालिग कहां थी और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जांच अलवर पुलिस कर रही है।
एसपी ने बताया कि नाबालिग अपने गांव के बाहर से एक ऑटो में बैठी थी। यह ऑटो अलवर शहर में अलग-अलग रास्तों और चौराहों से गुजरा था। पुलिस ने यह पूरा वीडियो देखा है। मंगलवार की रात को घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस पूरे प्रकरण में राजस्थान सरकार ने एसआईटी की टीम गठित की थी जिसने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। तीन दिन बीतने के बाद पुलिस ने यह दावा किया है।