महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में एक स्कूल में दो बच्चियों से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में जहां राज्य सरकार सख्त है, वहीं जनता भी इसे लेकर आक्रोशित है। जिसकी वजह लोकल ट्रेन सेवा बाधित हुई है। अब एनसीपीसीआर एक टीम भेजकर इसकी जांच कराएगी।
महाराष्ट्र के ठाणे में एक स्कूल में बच्चियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) एक टीम वहां भेजेगा। वहीं शीर्ष बाल अधिकार निकाय ने मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी पर भी सवाल उठाया है।
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एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने मामले में पूछा सवाल
इधर एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त की और घोषणा की कि मामले की जांच के लिए एक टीम भेजी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने पीड़िता के माता-पिता को एफआईआर दर्ज कराने के लिए 12 घंटे तक इंतजार क्यों करवाया। प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी करूंगा और सुनिश्चित करूंगा कि सभी लापरवाह पुलिस अधिकारियों को दंडित किया जाए।
परिजनों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की
बता दें कि बदलापुर में एक स्कूल में बच्चियों के साथ हुए इस वारदात से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है, खास तौर पर स्थानीय पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज करने में कथित देरी पर लोगों का गुस्सा और फूटा है। वहीं घटना से आक्रोशित माता-पिता के साथ स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए रेलवे सेवा बाधित की और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।
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मामले में कब क्या हुआ?
17 अगस्त को पुलिस ने ठाणे के बदलापुर में मौजूद एक स्कूल के एक अटेंडेंट को किंडरगार्टन में पढ़ने वाली तीन और चार साल की दो लड़कियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने स्कूल के शौचालय में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया। लड़कियों ने अपने माता-पिता को बताया था कि अटेंडेंट ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि बाद में आरोपी अटेंडेंट गिरफ्तार कर लिया गया।