यूपी की चुनावी जंग में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कूदने वाली है। राकापां नेता व महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने शनिवार को मुंबई में कहा कि उनकी पार्टी सपा के साथ सीटों की साझेदारी पर चर्चा कर रही है। अब तक एक सीट पर सहमति बन चुकी है।
मलिक ने कहा कि ऐसी ही स्थिति 1993 में भी बनी थी और भाजपा को यूपी में सत्ता में आने से रोक दिया गया था। राकांपा के मुख्य प्रवक्ता मलिक ने कहा कि दोनों दलों ने सीट साझेदारी पर चर्चा की है। अभी राकांपा के लिए एक सीट पर सहमति बनी है। अन्य सीटों को लेकर भी चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि यूपी में अभी जो माहौल चल रहा है, वैसा 1993 में भी हुआ था, तब भाजपा को सत्ता से वंचित होना पड़ा था।
1993 के यूपी चुनाव में क्या हुआ था
1993 के यूपी चुनाव में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने भाजपा को झटका देने के लिए तत्कालीन बसपा प्रमुख कांशीराम से हाथ मिला लिया था। सपा-बसपा गठबंधन अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, जबकि उस वक्त भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर आई थी।
यूपी के अलावा अन्य राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछने पर मलिक ने आगे कहा कि मणिपुर में राकांपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है, लेकिन गोवा में सीटों की साझेदारी को लेकर कोई प्रगति नहीं हुई है। इसलिए राकांपा पिछली बार की तरह इस बार भी गोवा में अकेले चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है।
इस सप्ताह के आरंभ में राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि उनकी पार्टी सपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।