राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने शिवसेना के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत के 'दुश्मन की आंत निकालने' वाले बयान पर अपनी असहमति प्रकट की है। राउत ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए मराठी शब्द ‘कोठाला’ (आंत) का प्रयोग किया था। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी पहले शिवसेना की सहयोगी रह चुकी है।
पवार ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए उपनगरीय गोरेगांव में दिवंगत समाजवादी नेता मृणाल गोर के नाम खोली गई एक आर्ट गैलरी के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि पहले कोई ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करता था।
इस अवसर उन्होंने कहा कि जब मृणाल ताई महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष की नेता होती थीं, तब मैंने उनकी कड़ी आलोचना का सामना किया। लेकिन सत्र के समापन के बाद हम अपने मतभेदों को दरकिनार कर देते थे। हम राज्य के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर आपस में चर्चा करते थे। लेकिन उन दिनों कोई भी 'कोठाला' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता था।
क्या कहा था राउत ने
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने हाल में आलंकारिक रूप से मराठी शब्द ‘कोठाला’ (आंत) का इस्तेमाल किया था। उन्होंने ‘पीठ में छुरा घोंपने’ के भाजपा के आरोप का खंडन करते हुए ऐसा कहा था। पवार के करीब माने जाने वाले राउत ने कहा था कि शिवसेना पीठ में छुरा नहीं घोंपती है, वह सामने से वार करती है और दुश्मन की आंतें निकाल लेती है।
ऐसे बयान पर पवार कर चुके हैं आरोपों का सामना
शरद पवार को अतीत में पीठ में छुरा घोंपने के आरोपों का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने 1978 में वसंत दादा पाटिल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे।