राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कर्ज में डूबी आईएलएंडएफएस समूह के नए बोर्ड को आदेश दिया है कि वह समूह के लेनदारों को 16,361 करोड़ रुपये लौटाए। इसमें से 11,296 करोड़ रुपये नकदी के रूप में और 5,065 करोड़ रुपये इनविट यूनिट के रूप में देना होगा।
इनविट (इंफ्रास्ट्क्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) का मतलब किसी कंपनी द्वारा इंफ्रा से संबंधित इश्यू लॉन्च करने से होता है। इसे आनुपातिक आधार पर देना होगा। इनविट का ज्यादातर हिस्सा इसकी अन्य जो कंपनियां हैं, उनके लेनदारों को देना होगा।
एनसीएलएटी के चेयरमैन जज अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने कहा कि इसे नए बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा। अगली सुनवाई 19 जुलाई, 2022 को होगी।
तीन कंपनियों के लेनदारों को मिलेगा 75% हिस्सा
आईएलएंडएफएस ने कहा कि उसकी तीन कंपनियों के लेनदारों को रकम का 75 फीसदी हिस्सा मिलेगा। आईएलएंडएफएस ने बैंकों से 99,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और बाद में वह इसका भुगतान करने में विफल हो गई