शेयर बाजार में इतिहास की बड़ी गलती की वजह से एक ब्रोकिंग हाउस को 200-250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस तरह के नुकसान अमूमन दूसरों की गलती से होते हैं जिसे फैट फिंगर ट्रेडिंग कहा जाता है। इसके बाद एनएसई ने ब्रोकर हाउसों को सावधान किया है। उसने कहा है कि कारोबार करते समय नकली ऑर्डर को ध्यान से देखें। बृहस्पतिवार को एक कारोबारी ने निफ्टी कॉल ऑप्शन में 25 हजार लॉट बेचा। इसका 14,500 रुपये भाव तय किया था। जब उसने बटन दबाया तो लॉट का भाव 2100 रुपये हो गया। इससे उसे 200-250 करोड़ रुपये का नुकसान मिनटों में हो गया।
मोहन भागवत के बयान का शिवसेना ने किया समर्थन
शिवसेना ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर मंदिर में शिवलिंग तलाशने और हर दिन नया विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, जिस तरह कश्मीरी पंडित अब घाटी छोड़ने की चेतावनी दे रहे हैं, कश्मीर फाइल्स 2 बनाकर दिखाए कि इसका कौन जिम्मेदार है। पीएम और गृहमंत्री ने द कश्मीर फाइल्स फिल्क का खूब समर्थन किया था। राउत ने कहा, मैं भागवत के बयान का समर्थन करता हूं। ये रोज का झगड़ा खत्म होना चाहिए। शिवलिंग तलाशने के बजाय हमें यह सोचना चाहिए कि घाटी में कश्मीरी पंडितों की जान कैसे बचाई जाए।
कांग्रेस ने कहा, बयान महज नया विवाद खड़ा करने की कोशिश
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने यह बयान अपने संगठन और भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए दिया है। यह एक नया विवाद खड़ा करने की कोशिश है ताकि जनता से जुड़े मुद्दों से लोगों को भ्रमित किया जा सके। पार्टी सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि वह जानते हैं कि यह समस्या उनके कार्यकर्ताओं की है, जनता की नहीं है।
अब तक के उच्च स्तर पर जा सकती है कपास की खेती
भारत में कपास की खेती इस साल सर्वोच्च स्तर पर पहुंच सकती है। इस बार रकबा के 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। दुनिया भर में फाइबर का सबसे ज्यादा उत्पादन भारत में होता है। इस फसल की इतनी ज्यादा कीमत मिलती है कि दूसरी फसलों के किसान अब इसकी खेती करने लगे हैं। उद्योग संगठनों का कहना है कि ज्यादा पैदावार से वैश्विक और स्थानीय कपास की कीमतों को नियंत्रण करने में मदद मिल सकती है। इससे एशियाई परिधान निर्माता काफी परेशान हैं। महाराष्ट्र और गुजरात सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं।
एक साल में कीमतें दोगुना हुईं
पिछले एक साल में कपास की कीमतें दोगुना हो गई हैं। बारिश ने 2021 की फसल को नुकसान पहुंचाया था। इससे एक दशक में सबसे कम फसल का उत्पादन हुआ। खेती में 15 फीसदी की बढ़त होती है तो 2022 में यह लगभग 1.38 हेक्टेयर तक बढ़ जाएगी। पिछले साल यह 1.2 हेक्टेयर थी।
पीएमजेजेबीवाई के लिए कंपनियों को पूंजी में छूट
केंद्र सरकार की 330 रुपये सालाना प्रीमियम वाली प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में कंपनियों को अब 50 फीसदी कम रकम की जरूरत होगी। बीमा नियामक भारतीय बीमा विकास प्राधिकरण (इरडाई) बीमा कंपनियों की भागीदारी बढ़ने के लिए नियमों में ढील देने की घोषणा की।
ज्यादा पॉलिसी ला सकती हैं कंपनियां
इस फैसले के पीछे ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए तैयार करना है। इससे योजना के 6 करोड़ को फायदा होगा। क्योंकि बीमा कंपनियां इससे संबंधित ज्यादा पॉलिसी लॉन्च कर पाएंगी। इससे समाज के निचले तबके तक इस योजना को पहुंचने में मदद मिलेगी।
खाने के बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते रेस्तरां
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि रेस्तरां खाने के बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते। हालांकि, ग्राहक अगर चाहें, तो अलग से टिप दे सकते हैं। गोयल ने शुक्रवार को कहा, अगर रेस्तरां मालिक अपने कर्मचारियों को ज्यादा वेतन देना चाहता है, तो वह खाने के दाम बढ़ा सकता है। देश में कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने रेस्तरां मालिकों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि सेवा शुल्क नहीं लेने से उन्हें नुकसान होगा। मंत्रालय ने कहा था, रेस्तरां का खाने के बिल में सेवा शुल्क लगाना गलत है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार जल्द ही कानून लेकर आएगी।
नेपाल ने भारत को निर्यात की अतिरिक्त बिजली
भारी बारिश के चलते नेपाल लगातार दूसरे साल अपनी अतिरिक्त बिजली को भारत निर्यात कर रहा है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नवंबर 2021 में, भारत के बिजली मंत्रालय के तहत एनर्जी एक्सचेंज ने काठमांडू से लगातार पैरवी करने के बाद नेपाल को उसकी अतिरिक्त बिजली भारत को निर्यात करने की अनुमति दी थी। एनईए के मुताबिक बृहस्पतिवार से नेपाल ने 37.7 मेगावाट बिजली भारतीय खरीदारों को बेची है।
महारानी बीमार, राजपरिवार ही लेगा समारोह में भाग
ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के साम्राज्ञी बनने के 70 वर्ष पूरे होने पर ग्रांड प्लेटिनम जुबली जश्न मनाया जा रहा है। तमाम आयोजनों के बीच 96 वर्ष की रानी एलिजाबेथ द्वितीय असहज महसूस करने लगीं और थैंक्सगिविंग में शामिल नहीं हो पाईं। चार दिन के जश्न में शुक्रवार को सेंट पॉल कैथेड्रल (चर्च) में प्रार्थना की गई। इसमें रानी के 70 वर्ष तक तख्त पर रहने के लिए ईश्वर का शुक्रिया अदा किया गया। कार्यक्रम में रानी की जगह उनके परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे। बकिंघम पैलेस के मुताबकि, रानी की उम्र और तबीयत को देखते हुए उन्होंने कुछ कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। रानी का प्रतिनिधित्व उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स कर रहे हैं।