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Odisha: सैन्य अफसर की मंगेतर से यौन उत्पीड़न के केस में भाजपा बरसी बीजद; बंद बुलाया, न्यायिक जांच की मांग की

Fri, 20 Sep 2024 01:27 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

महिला ने दावा किया कि गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। हिरासत में लिए जाने के बाद उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। गुरुवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे छोड़ दिया गया। महिला का फिलहाल एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा है।
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नवीन पटनायक - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बिजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पुलिस कस्टडी में एक महिला से यौन उत्पीड़न मामले में न्यायिक जांच की मांग की। विधानसभा में विपक्ष के नेता पटनायक ने इस घटना की निंदा की और इसे बहुत चौंकाने वाला मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में भाजपा सरकार की अक्षमता को दर्शाती है। ओडिशा पुलिस ने बुधवार को भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस स्टेशन में सैन्य अधिकारी से दुर्व्यवहार और उनकी महिला मित्र से यौन उत्पीड़न के मामले पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। 

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ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने कहा, "सभी ने सुना कि हाल ही में एक सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर के साथ पुलिस स्टेशन में क्या हुआ। यह बहुत ही चौंकाने वाली खबर है। हम इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हैं और जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।" इस बीच सूत्रों ने दावा किया कि बीजद ने मामले में सरकार पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार 24 सितंबर को भुवनेश्वर बंद बुलाया है।

पांच पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारी पश्चिम बंगाल में तैनात है। उनकी महिला मित्र ने रविवार की सुबह रोडरेज की शिकायत दर्ज कराने के लिए भरतपुर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया था। थाने में एफआईआर को लेकर पुलिस से दोनों की झड़प हो गई, जिसके बाद सेना के अधिकारी को लॉकअप में डाल दिया गया। उनकी महिला मित्र को एक महिला पुलिसकर्मी एकांत कमरे में ले गई। 
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महिला ने दावा किया कि गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। हिरासत में लिए जाने के बाद उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। गुरुवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे छोड़ दिया गया। महिला का फिलहाल एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा है। उसने अपनी शिकायत में कहा, "मुझे नहीं मालूम क्या हुआ, उन्होंने उसे (सैन्य अधिकारी) लॉकअप में डाल दिया। मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि आप एक सैन्य अधिकारी को लॉकअप में नहीं डाल सकते हैं। इसके बाद दो महिला पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ मारपीट की।"

महिला के साथ पुलिसकर्मी ने की मारपीट
महिला ने बताया कि जब वह जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की तो एक महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी गर्दन पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसने एक महिला पुलिसकर्मी के हाथ पर काट लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे एक कमरे में ले गए और उसका हाथ-पैर बांध दिया। महिला ने आगे कहा,  "कुछ समय बाद एक पुरुष अधिकारी ने दरवाजा खोला और मेरी छाती पर कई बार लात मारी। उसने मेरे अंडरगार्मेंट उतारे और अपनी पैंट नीचे की। फिर अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर अश्लील बातें कीं।" बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
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