सीबीआई ने आईएनएस सिंधुरत्न-एमआरएलसी प्रोजेक्ट से जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक करने के मामले में नौसेना के दो कमांडरों के खिलाफ बुधवार को एक चार्जशीट दायर की। इसमें नौसेना कमांडर जगदीश और अभिशेक शॉ पर आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि ताजा चार्जशीट में जांच एजेंसी ने कमांडर अजित पांडेय और रिटायर्ड नौसेना अधिकारी कमाडोर रणदीप सिंह के नाम शामिल किए हैं। इन पर आईएनएस सिंधुरत्न-एमआरएलसी प्रोजेक्ट के लिए अग्रिम भुगतान की सूचनाएं लीक करने का आरोप है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में छह लोगों के खिलाफ दो आरोप पत्र पूर्व में दायर किए जा चुके हैं। नौसेना कमांडर जगदीश व कमांडर अभिषेक के खिलाफ जांच अब भी जारी है। इन्हें 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों के खिलाफ 20 नवंबर को भी चार्जशीट दायर की गई थी।
इस मामले में पूर्व नौसेना अधिकारी रणदीप सिंह, कमांडर एसजे सिंह, मौजूदा कमांडर अजित पांडेय, कमांडर जगदीश और हैदराबाद की एलन रिइंफोर्सड प्लास्टिक्स लि. के कार्यकारी निदेशक समेत कई को पहले ही जमानत दी जा चुकी है। इन्हें इसलिए जमानत मिल गई थी, क्योंकि बचाव पक्ष के वकीलों ने विशेष अदालत से कहा कि सीबीआई विभागीय गोपनीयता कानून (OSA) के तहत जांच जारी होने की बात तो कह रही है, लेकिन उसने आरोप पत्र में इसका जिक्र नहीं किया है। इसलिए आरोप पत्र अपूर्ण है और आरोपियों को त्रुटि के कारण जमानत का अधिकार देता है। कोर्ट ने उनकी इस दलील को स्वीकार कर लिया था।
सीबीआई ने दो सितंबर को देश में 19 स्थानों पर छापेमारी की थी। उसे यह जानकारी मिली थी कि सेवानिवृत्त कमांडर एसजे सिंह आर्थिक लाभ के लिए पनडुब्बियों में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक के बारे में गोपनीय जानकारी कमाडोर रणदीप सिंह के साथ साझा कर रहे थे। इन दोनों को उसी दिन गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने कमांडर अजीत कुमार पांडे, कमांडर जगदीश और एलन रिइनफोर्स्ड प्लास्टिक्स लिमिटेड के अधिकारियों व अन्य को गिरफ्तार किया था।