प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाता दिवस के मौके पर मंगलवार को देश भर के भाजपा कार्यकर्ताओं से बात की। इस दौरान उन्होंने कम मतदान प्रतिशत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शिक्षित और समृद्ध माने जाने वाले शहरी क्षेत्रों में इस स्थिति को बदलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस दौरान एक राष्ट्र, एक चुनाव, एक मतदाता सूची के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि इस पर अलग-अलग विचार सामने आने दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1951-52 में पहले लोकसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 45% से बढ़कर 2019 में 67% हो गया। इसमें महिलाओं का प्रतिशत बढ़ा है, जो एक अच्छी बात है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों को कम मतदान पर भी ध्यान देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर चर्चा करते हैं, पर वोट देने नहीं जाते
प्रधानमंत्री ने कहा कि देखा गया है कि शहरी व पढ़े-लिखे क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत काफी कम है। यहां के लोग सोशल मीडिया पर मुद्दों और राजनीति को लेकर चर्चा तो बहुत करते हैं, लेकिन वोट डालने नहीं जाते। इस दौरान पीएम मोदी ने भाजपा के पन्ना प्रमुखों व जमीनी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे चुनावों में 75 प्रतिशित मतदान सुनिश्चित करने के लिए काम करें।