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सम्मान: दस लाख रुपये के इनामी नक्सलियों को ढेर करने वाले आईटीबीपी के तीन शूरवीरों को मिला वीरता के लिए पुलिस पदक

Tue, 25 Jan 2022 02:52 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

साल 2018 के दौरान छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोडला गांव क्षेत्र में नक्सली छिपे होने की सूचना मिली थी। 09 फरवरी को अशोक कुमार, एसी (जीडी) के नेतृत्व में ऑपरेशन पार्टी को वहां पर भेजा गया। सुरेश लाल, इंस्पेक्टर (जीडी) और नीला सिंह, उप निरीक्षक/जीडी (अब इंस्पेक्टर/जीडी) भी इस दल का हिस्सा थे...
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आईटीबीपी - फोटो : PTI (File)
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विस्तार
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आईटीबीपी के तीन शूरवीरों, जिनमें एक सहायक कमांडेंट और दो निरीक्षक शामिल हैं, उन्हें 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 'वीरता के लिए पुलिस पदक' से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। ये तीनों पदक, एंटी नक्सल ऑपरेशन के अंतर्गत मिले हैं। ऑपरेशन के दौरान अशोक कुमार, सहायक सेनानी (जीडी), सुरेश लाल निरीक्षक (जीडी) और नीला सिंह, उप निरीक्षक/जीडी (अब निरीक्षक), ये तीनों आईटीबीपी की 40वीं वाहिनी में तैनात थे। इन्होंने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के तहत आने वाले नक्सल प्रभावित इलाके में एक मुठभेड़ में आठ लाख और दो लाख रुपये के इनामी नक्सलियों को ढेर किया था। आईटीबीपी को इस साल कुल 18 मेडल प्रदान किए गए हैं। इनमें से तीन कर्मियों को वीरता के लिए पुलिस मेडल, तीन को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं 12 कर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इनमें अफसर और जवान, दोनों शामिल हैं।

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साल 2018 के दौरान छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोडला गांव क्षेत्र में नक्सली छिपे होने की सूचना मिली थी। 09 फरवरी को अशोक कुमार, एसी (जीडी) के नेतृत्व में ऑपरेशन पार्टी को वहां पर भेजा गया। सुरेश लाल, इंस्पेक्टर (जीडी) और नीला सिंह, उप निरीक्षक/जीडी (अब इंस्पेक्टर/जीडी) भी इस दल का हिस्सा थे। घेराव पार्टी ने नक्सलियों पर भारी दबाव डाला कि वे आत्मसमर्पण कर दें। आईटीबीपी दस्ते ने चारों तरफ से उस जगह को घेर लिया था, जहां नक्सली छिपे थे। नक्सलियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया और आईटीबीपी दस्ते पर अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी। करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से फायरिंग चलती रही। इस ऑपरेशन में दो नक्सली मारे गए।

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घटना स्थल से एक 7.65 एमएम पिस्टल, दो 12 बोर की राइफल और अन्य हथियार व संचार उपकरण बरामद किए गए। मारे गए नक्सलियों की पहचान विनोद देवन उप नेता, गरचिरौली प्लाटून कमांडर और सागर सदस्य, प्लाटून-55, बीजापुर के तौर पर हुई। सरकार द्वारा इन नक्सलियों पर क्रमशः आठ और दो लाख का नकद इनाम रखा गया था। यह ऑपरेशन सावधानीपूर्वक योजना और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। आईटीबीपी के तीनों कर्मियों ने अनुकरणीय वीरता और असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। इसके लिए इन्हें 'वीरता के लिए पुलिस पदक' से सम्मानित किया गया है।

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्र्पति पुलिस पदक...

  • रमाकान्त शर्मा, उप महानिरीक्षक (जीडी)
  • अजय पाल सिंह, उप महानिरीक्षक (जीडी)
  • गिरीश चंद्र उपाध्याय, उप महानिरीक्षक (जीडी)

सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक...

  • अनवर इलाही, उप महानिरीक्षक (जीडी)
  • दीपक संदूजा, उप महानिरीक्षक (इंजीनियर)
  • नरेन्द्र सिंह, सेनानी (जीडी)
  • देवेन्द्र सिंह, सेनानी (जीडी)
  • विक्रम सिंह चम्बियाल, सूबेदार मेजर
  • करतार सिंह, निरीक्षक (टेली.)
  • विजय कुमार, निरीक्षक (जीडी)
  • रिनचेन दोरजे, निरीक्षक (जीडी)
  • बबलू नाथ, उप निरीक्षक (जीडी)
  • राजबीर सिंह, स.उ.नि. (जीडी)
  • मोती राम, हेड कांस्टेबल (टेलर)
  • नरेंद्र सिंह, निरीक्षक (जीडी)
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