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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग: कुष्ठ रोगियों से भेदभाव वाले कानून रद्द करने की जरूरत

Wed, 21 Jul 2021 03:04 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा ने एक बैठक में कहा कि कुष्ठ रोग से पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह जरूरी है। इस बात को गंभीरता से महसूस किया गया कि विभिन्न समस्याओं के अतिरिक्त कोरोना महामारी ने कुष्ठ रोगियों की दशा और बदतर कर दी।
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विस्तार
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि राज्यों को कुष्ठ रोगियों से भेदभाव वाले कानून और उसके विभिन्न प्रावधानों को रद्द कर देना चाहिए।

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आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश मिश्रा ने एक बैठक में कहा कि कुष्ठ रोग से पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह जरूरी है। बैठक के दौरान इस बात को गंभीरता से महसूस किया गया कि विभिन्न समस्याओं के अतिरिक्त कोरोना महामारी ने कुष्ठ रोगियों की दशा और बदतर कर दी। खासकर उनके जीवन यापन और भूखों मरने की स्थिति पैदा हो गई।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विशेषज्ञ के पूर्व एचओडी डॉ. आरडी मुखीजा का कहना है कि कुष्ठ छूआछूत की बीमारी नहीं है। ऐसे कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें। इस बीमारी का इलाज संभव है। एम्स के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि अगर इस बीमारी का इलाज सही तरीके से हो जाए तो यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
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