बांग्लादेश मुद्दे पर एक विरोध मार्च के दौरान भड़की हिंसा के बाद नासिक में हालात अब नियंत्रण में है। बता दें, बांग्लादेश में बीते कई महीनों से हिंसा जारी है। यहां अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जा रहा है। 16 अगस्त को महाराष्ट्र के नासिक में उस समय हिंसा भड़क गई, जब हिंदू समाज ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने के विरोध में बंद का आयोजन किया था।
फोटो और वीडियो से की जा रही आरोपियों की पहचान
जोन एक के डीसीपी रवींद्र कुमार चौहान ने कहा, 'कल की घटना के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। 15 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। फोटो और वीडियो के आधार पर अधिक लोगों की पहचान की गई है। गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। स्थिति नियंत्रण में है।'
अचानक भड़क उठी थी हिंसा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर महाराष्ट्र के नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और अहमदनगर में तनाव का माहौल है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ नासिक में शुक्रवार को हिंदू समुदाय ने बंद बुलाया था। इसके चलते नासिक के सभी बाजार सुबह से ही बंद थे, लेकिन दोपहर में अचानक हिंसा भड़क उठी।
यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब हिंसक हो गया, जब भद्रकाली इलाके में दुकानें बंद कराने को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया। कुछ दुकानदारों की कथित तौर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से झड़प हो गई। इस दौरान मेम रोड इलाके और पिंपल चौक पर दोनों तरफ से पथराव किया गया। गाड़ियों में तोड़फोड़ से काफी नुकसान हुआ। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
क्या है मामला?
नासिक से पहले छत्रपति संभाजीनगर और अहमदनगर में मुस्लिम समुदाय ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। नासिक के सिन्नर स्थित पंचाले गांव में महंत रामगिरि महाराज ने प्रवचन के दौरान कथित तौर पर विवादित बयान दिया था। आरोप है कि रामगिरि महाराज ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी। इससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई। इसी के विरोध में संभाजीनगर और अहमदनगर में सैकड़ों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन किया था।
महंत रामगिरि महाराज की कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही संभाजीनगर के वैजापुर में तनाव फैल गया था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वैजापुर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (सीआरपीसी 1973 की पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई।
छत्रपति संभाजीनगर के सिटी चौक इलाके में रामगिरी महाराज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए भीड़ सड़कों पर उतर आई। भीड़ ने टायर भी जलाए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। दंगा नियंत्रण बल की तैनाती की गई है। इससे पहले 16 अगस्त की रात अंबेडकर चौक पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।
रामगिरि महाराज के खिलाफ मामला दर्ज
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की पुलिस ने पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हिंदू धार्मिक नेता रामगिरि महाराज के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने पहले बताया था कि नासिक जिले के सिन्नार तालुका के शाह पंचले गांव में हाल ही में रामगिरि महाराज ने एक धार्मिक समारोह के दौरान कथित रूप से एक टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अब मुंबई पुलिस ने धार्मिक नेता पर बीएनएस की धारा 302 (धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से शब्द कहना) और कई अन्य लोगों के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने, धर्म को लेकर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, शांति भंग करने और आपराधिक धमकी को भड़काने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना शामिल है।
रामगिरी महाराज पर नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में भी एफआईआर दर्ज की गई है। रामगिरि महाराज ने कहा कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में उन्होंने वह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, 'एकमात्र मकसद यह था कि हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए। अब, जो कुछ भी हो सकता है, मैं उसका सामना करूंगा। अगर कोई मामला दर्ज किया गया है, तो मुझे जब भी नोटिस मिलेगा, मैं देखूंगा।'