तुषार गांधी ने कहा, ऐसा कहा जा रहा है कि हिंदू खतरे में हैं, लेकिन कोई नहीं पूछता कि हिंदू खतरे में कैसे हैं? इसी तरह राम मंदिर के मुद्दे पर सरकारें सत्ता में आ रही हैं। कई बुद्धिजीवी इन सबको हिंदू राष्ट्रवाद के रूप में प्रमाणित करते हैं। लेकिन, इसके लिए एक हिंदू राष्ट्र होना चाहिए। क्या हम हिंदू राष्ट्र बन गए हैं?
उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्रवाद नेपाल में हो सकता है, लेकिन उस देश में नहीं जिसके संविधान में सर्वधर्म सम्भाव का जिक्र है। तुषार पत्रकार मिलिंद कीर्ति द्वारा लिखित पुस्तक 'सहमतिची हुकुमशाही-एरिस्टोक्रेसी टू टेक्नोक्रेसी' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, 'हम कैसे मान सकते हैं कि जो हिंदुत्व की बात कर रहे हैं वे हिंदू राष्ट्रवादी हैं? अगर वे हिंदू राष्ट्रवादी हैं तो वे नेपाल जा सकते हैं। उनके लिए यहां कोई जगह नहीं है।' तुषार गांधी ने कहा कि ये सभी विचार हमें गुलाम बना रहे हैं और हम उनके पीछे की मंशा को नहीं समझ पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का साम्राज्यवाद आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। तुषार गांधी ने कहा, 'प्रौद्योगिकी के कारण एक तरह का औपनिवेशीकरण हो रहा है। कॉर्पोरेट्स और प्रौद्योगिकी के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संबंध है। निगम लाभ के लिए कारोबार करते हैं जबकि प्रौद्योगिकी की आत्मा नवाचार होना चाहिए, लेकिन अगर आज हम देखें तो प्रौद्योगिकी का उद्देश्य लाभ कमाने के लिए पूंजीवाद बन गया है।'
तुषार गांधी ने कहा कि लोग प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और उन्होंने कश्मीर में एक लड़की की हत्या सहित कई घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'इसके विपरीत, वकीलों ने एक मोर्चा निकाला था जब एक मामले में आरोपियों को अदालत द्वारा दंडित किया गया था। क्या हमने प्रतिक्रिया दी? इसी तरह, क्या हमने बिलकिस बानो मामले में अपराधियों को रिहा किए जाने पर प्रतिक्रिया दी थी (गुजरात सरकार ने उम्रकैद की सजा काट रहे दोषियों के लिए अपनी माफी नीति के तहत समय से पहले)।'
उन्होंने यूएपीए या आतंकवाद रोधी कानून के 'दुरुपयोग' पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को किसी के आदेश पर गिरफ्तार किया जा रहा है, इसलिए नहीं कि उन्होंने कोई अपराध किया है।