5-जी तकनीक और इसके दुष्प्रभाव को लेकर भारत ही नहीं दुनिया के तमाम देश चिंतित हैं। टेलीकॉम क्षेत्र के तकीनीकी मामलों के विशेषज्ञ और रुड़की के आईआईटियन रवि शर्मा का कहना है कि अगले एक दो साल में 5-जी तकनीक ऑपरेशनल होने की संभावना है। इससे पहले तमाम तैयारियां, परीक्षण जरूरी हैं। इसलिए प्रधानमंत्री ने 5-जी तकनीक को लेकर जो चिंताएं जताई हैं, वह कहीं से भी निराधार नहीं है। इधर, भारत में तमाम पर्यावरण विशेषज्ञ भी इसके दुष्प्रभावों को लेकर काफी चिंतित हैं।