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नंदीग्राम चुनाव परिणाम: ममता बनर्जी की याचिका के खिलाफ सुभेंदु अधिकारी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, की ये अपील

Wed, 14 Jul 2021 08:03 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुभेंदु अधिकारी ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी की याचिका को किसी और राज्य के हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है।
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सुवेंदु अधिकारी - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी के नेता सुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से नंदीग्राम चुनाव परिणाम को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में ममता बनर्जी की याचिका को किसी और राज्य के हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है।

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बता दें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की  नंदीग्राम में चुनाव परिणाम के खिलाफ दी गई याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने अधिकारी को नोटिस जारी किए जाने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार ने कहा कि बनर्जी की चुनाव याचिका पर 12 अगस्त को सुनवाई होगी। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस बीच इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अधिकारी और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए जाएं।
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न्यायमूर्ति सरकार ने कहा कि उच्च न्यायालय प्रशासन से उनकी पीठ को मिली रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव याचिका जन प्रतिनिधि कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए दायर की गई है। अदालत ने निर्वाचन आयोग को नंदीग्राम में चुनाव संबंधी सभी रिकॉर्ड एवं उपकरण संरक्षित रखने का निर्देश दिया।

इससे पहले, न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की याचिका पर सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था, जिसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने इस मामले को न्यायमूर्ति सरकार की पीठ के पास भेज दिया था। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार अधिकारी ने बनर्जी को 1,956 मतों के अंतर से हराया था।

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टीएमसी ने उपचुनाव में देरी के लिए निर्वाचन आयोग की आलोचना की

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की सात विधानसभा सीटों के लिए चुनाव एवं उपचुनाव कराने में देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए बुधवार को बताया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव कराने की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग से बृहस्पतिवार को मुलाकात करेगा। मुख्यमंत्री पद पर निर्बाध बने रहने के लिए ममता बनर्जी के लिए ये उपचुनाव महत्वपूर्ण हैं।

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रे ने निर्वाचन आयोग पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या वह चुनाव आयोजित कराने के लिए ‘‘कोविड-19 की तीसरी लहर का इंतजार’’ कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी संबंधी स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में हैं और हालात चुनाव कराने के अनुकूल हैं।

राज्य की पांच रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। राज्य में उन दो अन्य सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जहां उम्मीदवारों की मौत के बाद मतदान रद्द कर दिया गया था। मुख्यमंत्री बनर्जी नंदीग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के हाथों विधानसभा चुनाव हार गई थीं।

ऐसे में, उपचुनाव उनके लिए बहुत महत्व रखते हैं। संविधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति विधायक या सांसद नहीं है और वह मंत्रिपद पर आसीन होता है, तो उसके लिए छह महीने में विधानसभा या विधानपरिषद या संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है। यदि मंत्री ऐसा नहीं कर पाता है, तो छह महीने बाद वह पद पर नहीं बना रह सकता। बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए चार नवंबर तक विधायक बनना होगा।
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