हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने सोमवार को शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे और विहिप प्रमुख अशोक सिंघल को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भारत रत्न देने की मांग की। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तोगड़िया ने महंत रामचंद्र परमहंस और महंत अविद्यानाथ के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान की भी मांग की।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (एएचपी) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष तोगड़िया ने कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे, विहिप के दिवंगत अध्यक्ष अशोक सिंघल, महंत रामचंद्र परमहंस और महंत अविद्यानाथ ने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए सरकार को इन चारों को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वाले 700 किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग की। किसानों ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर चुनिंदा व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए इन कानूनों (अब निरस्त) को लागू करने का आरोप लगाया था।
तोगड़िया ने भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ठीक है कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है, लेकिन देश में ऐसा कोई रामराज्य नहीं है, जहां एक करोड़ लोग बेघर हैं और 19 करोड़ लोग भूखे पेट हैं।
मथुरा में भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद के मालिकाना हक के विवाद और फिर से कब्जे की मांग के बारे में पूछे जाने पर तोगड़िया ने कहा कि भाजपा को इस संबंध में आवश्यक कानून बनाना चाहिए, क्योंकि उसे संसद में पूर्ण बहुमत हासिल है।