एनडीपीपी और भाजपा के गठबंधन के रूप में नगालैंड को पहली बार एक महिला राज्यसभा सांसद मिलने की संभावना है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 35 विधायकों के साथ भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष एस फांगनोन कोन्याक को संसद के उच्च सदन में राज्य की एकमात्र सीट के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। एनपीएफ के महासचिव और प्रवक्ता अचुम्बेमो किकॉन ने बताया कि कोन्याक की उम्मीदवारी के मुद्दे पर 25 सदस्यों वाली नगा पीपुल्स फ्रंट ने शनिवार को एक बैठक की, लेकिन उन्हें समर्थन पर फैसला नहीं हो सका। पार्टी रविवार को एक और दौर की बैठक करेगी।
भाजपा उम्मीदवार के जीतने की संभावना
भले ही एनपीएफ अपना उम्मीदवार उतारे, एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन के पास अधिक विधायक हैं और उसके उम्मीदवार के जीतने की संभावना है। कोन्याक ने अभी अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है। 1963 में नगालैंड को राज्य का दर्जा मिलने के बाद से उसे केवल एक महिला सांसद रानो एम शाजा मिली थीं, जो 1977 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। राज्य विधानसभा में कभी कोई महिला विधायक नहीं रहीहै। चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ख्रुहितुओनुओ रियो ने कहा कि उम्मीदवारों को सोमवार दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करना है। राज्यसभा चुनाव 31 मार्च को होंगे और वोटों की गिनती उसी दिन होगी।
नगालैंड से उच्च सदन के मौजूदा सदस्य केजी केने का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 60 सदस्यीय विधानसभा में विधायक राज्यसभा चुनाव में भाग लेंगे क्योंकि संसद के उच्च सदन के सदस्य राज्य विधानसभाओं में विधायकों द्वारा चुने जाते हैं। नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और भाजपा ने 2018 का राज्य चुनाव एक साथ लड़ा था और क्रमशः 21 और 12 सीटें जीती थीं। उन्होंने सरकार बनाई और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल किया। एनपीएफ पिछले साल सितंबर में सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गया और राज्य में एक विपक्ष-विहीन सरकार, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) का गठन किया। मुख्यमंत्री और एनडीपीपी नेता नीफिउ रियो ने कहा कि भाजपा की महिला उम्मीदवार का चुनाव विशुद्ध रूप से पार्टी लाइन पर है। हमारा एक गठबंधन है और एनडीपीपी अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान करता है।