नगालैंड में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 14 ग्रामीणों की मौत का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अब राज्य के सबसे बड़े जनजाति समूह कोनयाक यूनियन ने मोन जिले में एक दिन का बंद बुलाया है। इसके अलावा बुधवार से सात दिन तक ग्रामीणों की मौत का शोक भी मनाया जाएगा। इसके साथ कोनयाक यूनियन ने सुरक्षा बलों को चेतावनी दी है कि शोक की अवधि में कोनयाक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद भी गश्त की जाती है तो किसी भी प्रकार की घटना के लिए वे ही जिम्मेदार होंगे।
असम राइफल्स को हटाए जाने की मांग
कोनयान यूनियन की ओर से मांग की गई है कि असम राइफल्स को मोन जिले की सुरक्षा से तुरंत हटा दिया जाए क्योंकि सुरक्षाकर्मी यहां के नागरिकों की रक्षा करने में नाकामियाब साबित हुए हैं। इसके अलावा मांग की गई है कि पूरे पूर्वोत्तर से सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम को हटा दिया जाए।
एसआईटी में होंगे नगालैंड पीपुल्स के दो सदस्य
उधर, मामले की जांच के लिए केंद्र की ओर से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विशेष जांच दल(एसआईटी) गठित किए जाने की मांग की है। इस एसआईटी में नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के भी दो सदस्य शामिल होंगे। केंद्र ने इस एक महीने के भीतर इस जांच को पूरी करने को कहा है।
हार्नबिल महोत्सव रद्द
नगालैंड में 14 ग्रामीणों की मौत के बाद राज्य सरकार ने हार्नबिल महोत्सव को रद्द कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि मृतक लोगों के सम्मान और उनके परिवार के शोक में एकजुट होने के लिए हार्नबिल महोत्सव को रद्द किया जाता है। यह महोत्सव दस दिन तक चलता है, जिसमें सभी जनजातियां एक मंच पर आकर नगालैंड की संस्कृति का प्रदर्शन करती हैं।